टेस्ट से लेकर टी-20 तक, रविचंद्रन अश्विन के लिए साल 2021 ऐसे रहा खास

पुनः संशोधित शुक्रवार, 17 सितम्बर 2021 (11:45 IST)
17 सितंबर 1986 को जन्मे आज अपना 35वां जन्मदिन मना रहे हैं। साल 2011 में वनडे विश्वकप विजेता टीम और 2013 में चैंपियन्स ट्रॉफी की विजेता टीम के सदस्य रहे जीवन में काफी उतार चढ़ाव देखे। खासकर इस साल उन्होंने कई रिकॉर्ड तोड़े तो कभी पूरी सीरीज पवैलियन में बैठकर गुजारी। यह साल रविचंद्रन अश्विन के लिए ऐसे रहा खास
फरवरी में आईसीसी प्लेयर ऑफ द मंथ पुरुस्कार जीतने वाले दूसरे भारतीय बने

फरवरी माह में गेंद और बल्ले से कमाल दिखाने वाले रविचंद्रन अश्विन को आईसीसी ने प्लेयर ऑफ द मंथ के पुरुस्कार से नवाजा । आर अश्विन के लिए यह महीना काफी यादगार रहा। इस महीने 35 की औसत से बल्लेबाजी करने वाले अश्विन का सर्वाधिक स्कोर 106 रहा। वहीं 15 की औसत से उन्होंने कुल 24 विकेट झटके हैं। कुल 176 रन बनाने और 24 विकेट लेने के लिए अश्विन को पुरुष वर्ग में फरवरी का महीने का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया था।

गेंद से 5 विकेट और बल्ले से शतक एक ही टेस्ट में

के खिलाफ चेन्नई में खेले गए दूसरे टेस्ट में उन्होने पहले 43 रन देकर 5 विकेट लिए फिर घूमती हुई पिच पर जहां बल्लेबाज सेट नहीं हो पारा रहा था वहां शतक जमा दिया। अश्विन ने अपनी पारी में 14 चौके और 1 छक्का लगाया । ऐसा उन्होंने अपने टेस्ट करियर में तीसरी बार किया। इस लिस्ट में सिर्फ इयान बॉथम ही उनसे आगे हैं जिन्होंने 1 टेस्ट में 5 विकेट और शतक बनाया हो।

अहमदाबाद में पूरे किए 400 टेस्ट विकेट

रविचंद्रन अश्विन ने यह उपलब्धि तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन जोफ्रा आर्चर को आउट कर हासिल की। 400 टेस्ट विकेट लेने वाले अश्विन चौथे भारतीय गेंदबाज बने। अब वह भारतीय गेंदबाजों में हरभजन सिंह (417 विकेट), कपिल देव (434 विकेट) और अनिल कुंबले (619 विकेट) से पीछे हैं।
में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने

आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फाइनल
की दूसरी पारी में दो विकेट लेने के साथ ही रविचंद्रन अश्विन ने ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज और तेज गेंदबाज पेट कमिंस (70) को पीछे छोड़ दिया और टेस्ट चैंपियनशिप (2019-21) में सबसे अधिक विकेट चटकाने वाले गेंदबाज बन गए।

टेस्ट चैंपियनशिप (2019-21) में अश्विन ने कुल 14 मैच खेले और 20.16 की औसत के साथ 71 विकेट लेने में सफल रहे। 26 पारियों में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने कुल चार बार एक पारी में पांच या उससे अधिक विकेट अपनी झोली में डाले।

पूरे इंग्लैंड दौरे में पवैलियन में बैठे रहे

आर अश्विन पूरे इंग्लैंड दौरे में पवैलियन में बैठे रहे और एक टेस्ट में भी भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बने। इस कारण विराट कोहली की भी आलोचना हुई की टेस्ट का दूसरा सर्वेश्रेष्ठ गेंदबाज (रैंकिंग के आधार पर) बाहर क्यों बैठा हुआ है। खासकर हैडिंग्ले और फिर ओवल में उनके टीम में शामिल ना किए जाने पर फैंस खासा नाराज हुए। हालांकि भारत अश्विन की गैरमौजूदगी में भी चौथा टेस्ट जीतने मे कामयाब हुआ और सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाई।

4 साल बाद हुई टी-20 टीम में वापसी, वो भी विश्वकप में

अश्विन की चार साल बाद सीमित ओवरों की टीम में वापसी हुई है। उन्होंने सीमित ओवरों का अपना आखिरी मैच नौ जुलाई 2017 को खेला था। अश्विन आखिरी बार टी 20 में जुलाई 2017 में वेस्ट इंडीज के खिलाफ खेले थे। उन्होंने 46 टी20 मैचों में 52 विकेट लिये हैं। यह फैसला काफी चौंकाने वाला था क्योंकि न केवल टी-20 बल्कि अश्विन को सीधे विश्वकप की टीम में शामिल किया गया। (वेबदुनिया डेस्क)



और भी पढ़ें :