फाफ डु प्लेसिस ने धोनी की कप्तानी का लोहा माना

पुनः संशोधित सोमवार, 28 सितम्बर 2015 (18:48 IST)
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नई दिल्ली। का दो साल के निंबलन के कारण इंडियन प्रीमियर लीग में भविष्य भले ही अनिश्चत बना हुआ है लेकिन दक्षिण अफ्रीका के टी20 फाफ डु प्लेसिस का मानना है कि में ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पांच सत्र तक खेलने से एक क्रिकेटर के रूप में उनमें बहुत निखार आया। 
डु प्लेसिस से पूछा गया कि सीएसके के साथ रहते हुए भारत के सीमित ओवरों के कप्तान का उन पर किस तरह का प्रभाव पड़ा तो उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा उनसे (धोनी) पूछता हूं कि वह इतने शांतचित कैसे हैं। मैं धोनी के बारे में दो बातें कह सकता हूं। मैं भाग्यशाली रहा कि उनकी कप्तानी में खेला और मैं उनका बहुत सम्मान करता हूं। दूसरी बात मैं जानता हूं कि वह क्या कर सकते हैं। वह शांतचित कप्तान हैं और जानते हैं कि दबाव की परिस्थितियों को कैसे झेलना है। आप अपने ही साथी से काफी कुछ सीख सकते हो।’ 
 
असल में दक्षिण अफ्रीकी टीम में काफी खिलाड़ी हैं जो सीएसके की तरफ से खेल चुके हैं। सीएसके के सलामी बल्लेबाज माइकल हसी खिलाड़ियों को रविचंद्रन अश्विन की कैरम बॉल को खेलने के गुर सिखा रहे हैं तो पूर्व तेज गेंदबाज क्रिस मौरिस और एल्बी मोर्कल के पास जानकारी है कि डेथ ओवरों में सुरेश रैना को किस लेंथ की गेंद करनी है। डु प्लेसिस स्वयं धोनी एंड कंपनी से पार पाने के लिये ‘सीएसके मॉडल’ पर भरोसा करेंगे। 
 
पूर्व आस्ट्रेलियाई बल्लेबाज हसी भी ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में विश्व कप के दौरान दक्षिण अफ्रीका के सहयोगी स्टाफ में शामिल थे और डु प्लेसिस का मानना है कि बायें हाथ के इस बल्लेबाज से युवा खिलाड़ियों को काफी कुछ सीखने को मिल रहा है। 
 
उन्होंने कहा, ‘मैंने माइकल के साथ चेन्नई में भी काफी क्रिकेट खेली है। वह एक अच्छे इनसान है और उन्होंने काफी क्रिकेट खेली है। युवा बल्लेबाजों के लिए वह सर्वश्रेष्ठ है, जिससे सीख ली जा सकती है। वह फिट खिलाड़ी हैं और हम भाग्यशाली हैं कि वह हमारे साथ रहे।’ (भाषा)



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