कुंबले फिर बन सकते हैं टीम इंडिया के मुख्य कोच, 4 साल पहले कोहली से हुआ था विवाद

Last Updated: शनिवार, 18 सितम्बर 2021 (12:54 IST)
नई दिल्ली: सौरव गांगुली की अगुवाई वाली अनिल कुंबले और को के बाद रवि शास्त्री के कार्यकाल पूरा कर लेने पर मुख्य कोच पद के लिए आवेदन करने को कह सकती है।

कुंबले 2016-17 के बीच एक साल के लिए भारतीय टीम के कोच थे। उस समय सचिन तेंदुलकर, लक्ष्मण और गांगुली की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समति ने उन्हें शास्त्री की जगह नियुक्त किया था।वहीं साल 2012 में क्रिकेट को अलविदा कह चुके लक्ष्मण कमेंट्री बॉक्स में ही नजर आए हैं। उन्होंने अपने करियर में ज्यादातर ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को नाकों चने चबवाए हैं।

हालांकि, कप्तान विराट कोहली के साथ कटु मतभेद के कारण कुंबले ने चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पाकिस्तान से हारने के बाद अपना इस्तीफा दे दिया था। नाम न जाहिर करने की शर्त पर इस नये घटनाक्रम से परिचित बीसीसीआई के एक वरिष्ठ सूत्र ने बताया, ‘‘ अनिल कुंबले के बाहर निकलने के प्रकरण में सुधार की आवश्यकता है। जिस तह से सीओए कोहली के दबाव में आकर उन्हें हटाया वह सही उदाहरण नहीं था। हालांकि, यह इस बात पर भी निर्भर है कि क्या कुंबले और लक्ष्मण कोच के लिए आवेदन करने पर राजी होंगे।’’बीसीसीआई कुंबले के अलावा लक्ष्मण से भी संपर्क कर सकता है जो पिछले कुछ वर्षों से इंडियन प्रीमियर लीग की टीम सनराइजर्स हैदराबाद से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद कुंबले कोच पद के प्रबल दावेदार रहेंगे।

बीसीसीआई सूत्रों ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘‘अनिल कुंबले ने जिन परिस्थितियों में पद छोड़ा था उसमें सुधार करने की जरूरत है। जिस तरह से सीओए (प्रशासकों की समिति) कोहली के दबाव में आ गयी थी और उन्हें (कुंबले) को हटा दिया गया था वह सही नहीं था। हालांकि यह इस पर भी निर्भर करेगा कि कुंबले या लक्ष्मण इस पद के लिये आवेदन करने के इच्छुक हैं या नहीं। ’’कोहली पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि वह विश्व कप के बाद टी20 की कप्तानी छोड़ देंगे।

बीसीसीआई की पहली पसंद भारतीय कोच हैं तथा कुंबले और लक्ष्मण को 100 से अधिक टेस्ट मैच खेलने के अलावा कोचिंग का भी अनुभव है। विदेशी कोच दूसरा विकल्प है।

सूत्र ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के कोच पद के लिये मानदंड ऐसा होगा जिससे कि खिलाड़ी के रूप अच्छे रिकार्ड के साथ कोचिंग का अनुभव रखन वाले ही आवेदन कर सके।’’

सूत्रों से विक्रम राठौड़ की दावेदारी के बारे में पूछा गया, उन्होंने कहा, ‘‘अगर वह चाहें तो आवेदन कर सकते है लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम का मुख्य कोच बनने के लिये उनके पास वैसा रूतबा नहीं है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘वह सहायक कोच के रूप में अच्छे हैं लेकिन जब हम नये कोच की नियुक्ति करेंगे तो उनके पास अपनी टीम होगी। इसलिए देखते हैं क्या होता है।’’

अनिल कुंबले का क्रिकेट करियर


17 अक्टूबर 1970 को बेंगलुरु में जन्में अनिल कुंबले ने देश के लिए 132 टेस्ट मैच खेलकर 619 विकेट लिए जो अब तक किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा लिए गए सर्वाधिक टेस्ट विकेट है। 271 वनडे में उनके नाम 337 विकेट (बेस्ट12/6) हैं। यही नहीं प्रथम श्रेणी क्रिकेट में 244 मैच में उन्होंने 1136 विकेट चटखाए (बेस्ट 74/10)। कुंबले ने टेस्ट मैच में 2506 रन (बेस्ट 110 नाबाद) भी बनाए हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ लिए टेस्ट की एक पारी में 10 विकेट
7 फरवरी 1999 को कुंबले ने पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान में 26.3 ओवर में 74 रन पर 10 विकेट लेकर भारत को दूसरे टेस्ट में 212 रन से जीत दिलाई थी जिससे दो मैचों की सीरीज 1-1 से ड्रॉ रही थी।

कुंबले के ऐतिहासिक प्रदर्शन के बाद कोई भी गेंदबाज पारी में 10 विकेट हासिल करने की उपलब्धि तक नहीं पहुंच सका। कुंबले के इस प्रदर्शन के बाद श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने 2002 में एक पारी में 9 विकेट, श्रीलंका के लेफ्ट आर्म स्पिनर रंगना हेरात ने 2014 में 9 विकेट और दक्षिण अफ्रीका के लेफ्ट ऑर्म स्पिनर केशव महाराज ने 2018 में 9 विकेट हासिल किए लेकिन कोई भी 10 विकेट पूरे नहीं कर पाया।

कोचिंग में भी कुंबले ने किया कमाल
कुंबले के कार्यकाल में ही भारतीय क्रिकेट टीम टेस्ट में नंबर एक टीम बनी थी। और भारत ने वेस्टइंडीज को उनके घर में हराने के अलावा न्यूजीलैंड, इंग्लैंड तथा ऑस्ट्रेलिया को घरेलू मैदान में हराया था। कुंबले की मेहनत का ही नतीजा था कि भारतीय टीम ने 17 टेस्ट मैच में से 12 मुकाबलों में जीत हासिल की थी जबकि 1 मैच में उसे हार का सामना करना पड़ा था जबकि 5 टेस्ट मैच ड्रॉ पर खत्म हुए थे।
20 जून 2017 के दिन लंदन में भारतीय क्रिकेट टीम के कोच अनिल कुंबले ने एक साल का कार्यकाल पूरा होते ही अपना पद छोड़ दिया जबकि बीसीसीआई चाहता था कि वे वेस्टइंडीज दौरे तक अपने पद पर बने रहें लेकिन टीम के अंदरुनी हालात इतने खराब हो गए हैं कि कुंबले ने खुद को टीम से अलग करने का ऐलान कर डाला।



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