RBI के पूर्व गवर्नर का दावा, क्रिप्टोकरेंसी को मंजूरी देने से होगा यह बड़ा नुकसान

Last Updated: गुरुवार, 9 दिसंबर 2021 (16:05 IST)
कोलकाता। भारतीय रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर ने कहा कि देश में क्रिप्टोकरेंसी को मंजूरी दिए जाने पर केंद्रीय बैंक धन आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है।
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नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) स्टर्न स्कूल ऑफ बिजनेस द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए राव ने यह भी कहा कि भारत में केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (सीबीडीसी) जारी करने का मामला शायद मजबूत न हो, क्योंकि इसमें पूंजी नियंत्रण का पहलू शामिल है।


उन्होंने बुधवार को कहा कि क्रिप्टो एल्गोरिदम की मदद से चलता है और डर है कि केंद्रीय बैंक धन की आपूर्ति और मुद्रास्फीति प्रबंधन पर नियंत्रण खो सकता है। ऐसी भी चिंताएं हैं कि क्रिप्टो मौद्रिक नीति को बाधित करेगा। पूर्व गवर्नर ने कहा कि क्रिप्टो पूंजी नियंत्रण से बाहर जा सकता है; कागजी मुद्रा आरक्षित मुद्रा से जुड़ी हुई है। 2008 से 2013 तक रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे राव ने कहा कि सीबीडीसी को भी मजबूत डेटा संरक्षण कानूनों की जरूरत है। (भाषा)



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