किस ग्रह को मजबूत करने से क्या होगा, 9 ग्रहों में सबसे खास कौनसा ग्रह?

lal kitab kundali
के अनुसार प्रत्येक का अपना एक है और उसकी अपनी एक शक्ति एवं है। लाल किताब में प्रत्येक ग्रह की शक्ति, स्वभाव, सिफत, पोशाक, पेशे आदि का वर्णन किया गया है। आपको आपकी कुंडली की जांच करने के बाद जो ग्रह कमजोर है उसको मजबूत करना चाहिए परंतु इसके पहले किसी लाल किताब के विशेषज्ञ को कुंडली की जांच जरूर करा लें।


1. सूर्य- रंग लाल और तम्बाई। तम्बाई अर्थात तांबे जैसा। तांबे की उत्पत्ति उसी के कारण है। उसकी शक्ति आग का भंडार है। मतलब यह कि वह बहुत ही ऊर्जावान और एनर्जेटिक है। गुण आग, गुस्सा, उग्रता, विवेक, विद्या और राजसी बहादुरी। सूर्य ग्रह का पेशा राज कार्य देखना, नेतागिरी करना या प्रशासनीक अधिकार क्षेत्र का कार्य करना है।

2. चंद्र- रंग सफेद और पनियारा अर्थात पानी जैसा। शक्ति मानसिक शक्ति, सुख और शांति का मालिक। गुण शीतल, शांत, माता का प्यारा, पूर्वजों का सेवक, दयालु एवं हमदर्द। चंद्र ग्रह का पेशा कुम्हार या झींवर अर्थात मल्लाह का कार्य करना है।
3.मंगल- रंग लाल और रक्त वर्ण। शक्ति मात या मौत देना। गुण साहस, आत्मविश्वास, क्रूरता, युद्ध और सोच-समझकर बात करने वाला। मंगल नेक का पेशा युद्ध, सुरक्षा या प्रबंधन करना है। मंगल बद का पेशा कसाई या अपराध करके भरण-पोषण करना है।

4.बुध- रंग सब्ज हरा और श्याम। शक्ति सुघने और बोलने की शक्ति के साथ ही दिमागी ताकत। गुण मित्रता, वाकपटुता, मिलनसारिता और चापलुसी। बुध ग्रह का पेशा दलाली लेना या किसी व्यापार का कार्य करना है।
5. गुरु- रंग पीला और सुनहरा, स्वर्ण। हकीमी, हवा, रूह और सांस लेने तथा दिलाने की शक्ति। गुण मौन एवं शांत और रहस्यमय ज्ञानी। गुरु ग्रह का पेशा हकीम, शिक्षक, ज्ञानी, आचार्य या सलाह देने का कार्य करना है।

6. शुक्र- रंग सफेद और इससे मिलता जुलता। शक्ति प्यार, लगन, शांति और ऐश पसंद। गुण घर गृहस्थी और आशिक मिजाज। शुक्र ग्रह का पेशा कुम्हार, किसान और जमींदार का कार्य करना है।
7. शनि- रंग काला और श्याम। शक्ति जादूमंत्र देखने-दिखाने की शक्ति। गुण रहस्य में रुचि, देखना, भालना, चालाकी, मूर्ख, अक्खड़ और कारिगर। शनि ग्रह का पेशा लुहार, तरखान या मोची का कार्य करना है।

8.राहु- रंग नीला। शक्ति कल्पना शक्ति का स्वामी, पूर्वाभास तथा अदृश्य को देखने या महसूस करने की शक्ति। गुण सोचने की ताकत, डर, शत्रुता, चालबाज, मक्कार, नीच और जालिम। राहु ग्रह का पेशा सेवा, नौकरी या चाकरी करना है।
9. केतु- रंग काला-सफेद दोरंगा अर्थात दोनों रंग एक साथ और कपोत एवं धूम्र वर्ण। शक्ति सुनना, चलना, सतर्कता और मिलना। गुण धर्मज्ञानी, मजदूरी और अफसरी। केतु ग्रह का पेशा कुली या मजदूरी करना है।

सबसे अच्छा ग्रह : बृहस्पति ग्रह को सबसे अच्छा माना गया है, क्योंकि इसी से आयु और भाग्य तय होता है। यही हमें सुख, समृद्धि और शांति प्रदान करता है। कुंडली में बृहस्पति का दूसरा, पांचवां, नवां और दसवें भाव पर प्रभाव रहता है। दूसरा भाव धन, कुटुंब, पांचवां भाव शिक्षा और संतान, नवां भाव भाग्य और धर्म, दसवां भाव कर्म और मान सम्मान का और एगादश भाव धन, लाभ और मित्रता का होता है।



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