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जन्‍मदिन विशेष - सपने कभी सोने नहीं देते हैं - डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम

गुरुवार,अक्टूबर 14, 2021
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विश्व मानक दिवस हर साल 14 अक्टूबर को विश्‍व स्‍तर पर मनाया जाता है। इस दिवस को विश्‍व स्‍तर पर मनाने का खास मकसद है उपभोक्ताओं, नियामकों और उद्योग के बीच वैश्विक अर्थव्यवस्था के मानकीकरण के बारे में जागरूकता फैलाना। यह दिवस पहली बार 1970 में आयोजित ...
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रजिया सुल्‍तान वह पहली शख्सियत थी जो सिर्फ हिंदुस्तान ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में हुकूमत की गद्दी पर बैठने वाली महिला थी। पूरे मुस्लिम इतिहास में कहीं पर भी हुकूमत करने वाली पहली मुस्लिम थी। इससे पहले संपूर्ण दुनिया में महिला मुसलमान में किसी ने ...
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दशहरा या विजयादशमी का त्योहार असत्य पर सत्य की विजय के रूप में मनाया जाता है। यह त्योहार भारतीय संस्कृति के वीरता का पूजक, शौर्य का उपासक है।
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विश्‍व दृष्टि दिवस हर साल अक्टूबर माह के दूसरे गुरुवार को मनाया जाता है। इस दिवस को मनाने का खास उद्देश्य है धुंधली दृष्टि, अंधापन और दृष्टि से संबंधित समस्याओं के बारे में जागरूकता पैदा करना है। पहली बार यह दिवस लायंस क्लब इंटरनेशनल फाउंडेशन ...
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भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य के कुल्लू जिले में स्थित एक नगर है, यह कुल्लू घाटी में ब्यास नदी के किनारे बसा हुआ है। वहां का दशहरा पर्व दुनिया भर में प्रसिद्ध है। कुल्लू को उत्तर भारत के एक प्रसिद्ध पर्यटक स्थल के बारे में भी विश्वभर में जाना जाता है।
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आश्‍विन मास में आने वाली शरद पूर्णिमा हिन्दुओं का एक प्रसिद्ध त्योहार है। शारदीय नवरात्रि पर्व के बाद की पूर्णिमा को ही 'शरद पूर्णिमा' कहा जाता है। शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं।
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बादशाह अकबर मुगल काल के सबसे कुशल शासक और धर्मनिरपेक्ष राजा थे। मुगल काल का इतिहास बहुत बड़ा और प्राचीन है। बादशाह अकबर का पूरा नाम जलालुद्दीन मोहम्मद अकबर था। सम्राट अकबर मुगल साम्राज्य के संस्थापक जहीरूद्दीन मोहम्मद बाबर का पौत्र और नसीरुद्दीन ...
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अपने मानववादी दृष्टिकोण से वे चाहते थे कि जाति, वंश, धर्म, लिंग, संस्कृति और संपत्ति के भेदभाव से मुक्त न्याय पर आधारित सामाजिक न्याय की स्थापना की जाए। इस तरह की व्यवस्था को अपनाने के लिए वह क्रांतिकारी व्‍यवस्‍था को अपनाना जरूर समझते थे। सामाजिक ...
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स्वतंत्रता सेनानी राममनोहर लोहिया का जन्म फैजाबाद में 23 मार्च 1910 को हुआ था।
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अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस हर साल 12 अक्टूबर को मनाया जाता है। इस बार संयोग से नवरात्रि और बालिका दिवस एक दिन है। हालांकि दोनों दिवस का उद्देश्य कहीं न कहीं मिलता-जुलता है। मान्‍यता है कि नवरात्रि में भूलकर भी कन्याओं का अपमान नहीं करना चाहिए। उन्हें ...
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हर साल 11 अक्टूबर को 'इंटरनेशनल डे ऑफ गर्ल चाइल्ड' यानी कि 'अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस' मनाया जाता है। इसे मनाने की शुरुआत यूनाइटेड नेशन ने 2012 में की थी।
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लोकनायक के शब्द को असलियत में चरितार्थ करने वाले जयप्रकाश नारायण अत्यंत समर्पित जननायक और मानवतावादी चिंतक तो थे ही इसके साथ-साथ उनकी छवि अत्यंत शालीन और मर्यादित सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति की भी है। उनका समाजवाद का नारा आज भी हर तरफ गूंज रहा ...
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मार्क्सवादी क्रांतिकारी चे ग्वेरा की आज ही के दिन 9 अक्टूबर, 1967 को मौत हुई थी। पोस्टर बॉय अर्नेस्टो चे ग्वेरा( Ernesto Che Guevara) को एल चे या सिर्फ चे बुलाते थे। उनमें बहुमुखी प्रतिभा थी। वह एक डॉक्टर, लेखक, नेता, गुरिल्ला नेता, क्रांतिकारी नेता ...
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भारतीय वायु सेना का आदर्श वाक्य ‘नभः स्पृशं दीप्तम’ यानी गर्व के साथ आकाश को छूना। यह वाक्य गीता के 11वें अध्याय से लिया गया। देशवासियों को अपने सुरक्षाबलों के प्रति हमेशा गौरव और आदर का भाव रखना चाहिए। हमारे जवानों के साहस, वीरता, पराक्रम, ...
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मुंशी प्रेमचंद पर निबंध- मुंशी प्रेमचंद भारत के उपन्यास सम्राट माने जाते हैं जिनके युग का विस्तार सन् 1880 से 1936 तक है। यह कालखंड भारत के इतिहास में बहुत महत्व का है।
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आज के वक्त में पर्सनालिटी यानी आपका व्यक्तित्व बहुत मायने रखता है। आपके हाव-भाव, आपका 10 लोगों के बीच में बैठने का तरीका, आप कैसे खाते हैं इत्यादि। यह चीजें व्यक्ति को मजबूत बनाती है साथ ही आत्मविश्वास भी मायने रखता है। तो कई लोग आपके चेहरे के हाव- ...
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भारत की महानतम वीरांगना रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 में हुआ था, जिन्होंने अपनी मातृभूमि और आत्मसम्मान की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया।
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जिस तरह से दुनिया का स्वरूप बदल रहा है इंसानों के व्यवहार में बहुत बदलाव नजर आने लगे हैं। कई लोग अवसाद, डिप्रेशन, अकेलापन महसूस करना इन चीजों के शिकार बहुत जल्‍दी हो जाते हैं। कई लोग काम के लिए अपने परिवार से दूर रहते हैं। ऐसे में लोग जानवरों को ...
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हर साल 4 अक्टूबर को विश्‍व पशु दिवस मनाया जाता है। पशु पंचेंद्रिय नहीं होते हैं लेकिन उनकी आत्मा में भी मैत्री भाव जरूर होता है। वह भी इंसान के प्रति वफादार होते हैं। श्वान को वफादार का पर्याय कहा जाता है। 21वीं सदी में देखा जाए तो पहले के मुकाबले ...
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