बाल गीत : रोटी कहां छुपाई

Roti poem
रोटी कहां छुपाई
लगे देखने टेलीविजन,
चूहे घर के सारे।
देख रोटियां परदे पर,
उछले खुशियों के मारे।

सोच रहे थे एक झपट्टे,
में रोटी लें बीन।
लेकिन बिजली बंद हुई तो,
रोटी हुई विलीन।

लिए कई फेरे टीवी के,
बड़ा गजब है भाई।
बिजली बंद हुई, टीवी ने
रोटी कहां छुपाई?

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