बाल कविता: हाथी दादा

elephant poem
ताधिक ताधिक ता ता धिन्ना।
हाथी दादा चूसो गन्ना।

फिर थोड़े से केले खाना।
केले खाकर मेले जाना।

खूब झूलना वहां हिंडोला।
चक्कर वाला झूला गोला।

बढ़ाना आसमान तक
ग्रह तारों के नाक कान तक।

गोरा चांद चूमकर आना।
काले से गोरे हो जाना।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)



और भी पढ़ें :