मजेदार बाल कविता : गाय को चाय

cow poem
एक दिन घर पर आ गई।
बोली हमको पिलाओ।
दिया है, तुमको मैंने,
चाय पिलाकर कर्ज चुकाओ।

मैंने कहा दूध देकर तुम,
सब बच्चों को बनाती।
इसके बदले में हे माता।,
बच्चों से कुछ नहीं मंगाती।

आज आपने चाय मंगाई।
सभी आपके आभारी हैं।
चाय मिले बढ़िया सी तुमको,
यह सबकी जुम्मेवारी है।

(वेबदुनिया पर दिए किसी भी कंटेट के प्रकाशन के लिए लेखक/वेबदुनिया की अनुमति/स्वीकृति आवश्यक है, इसके बिना रचनाओं/लेखों का उपयोग वर्जित है...)



और भी पढ़ें :