पुरानी फ्रेंचाइजी के खिलाफ गुस्सा निकाल दिया डेविड मिलर ने, 38 गेंदों पर 68 रन बनाकर ट्वीट किया 'Sorry'

Last Updated: बुधवार, 25 मई 2022 (17:16 IST)
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टी20 क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते चले आ रहे हैं। एक ऐसे फ़िनिशर की भूमिका जो गेंदबाज़ी ही नहीं करता। इस शैली के खिलाड़ियों को सफलता से अधिक निराशा हाथ लगती है। आपको विश्लेषकों को प्रभावित करने वाले बड़े रन बनाने का मौक़ा नहीं मिलता है। और तो और अगर आप विदेशी लीग में खेलते हैं, तो एकादश में स्थान बनाना कठिन हो जाता है।

मिलर ने अपने पूरे करियर और विशेष रूप से अपनी पिछली फ़्रैंचाइज़ी में, जिसे हराकर उन्होंने के फ़ाइनल में जगह बनाई, इस बात को क़रीब से देखा है। इस सीज़न की शुरुआत से पहले मिलर ने क्रिकइंफ़ो के मैट रोलर को बताया था कि एक मुश्किल रोल में लगातार नहीं खेल पाना कितना निराशाजनक था।
दक्षिण अफ़्रीका के इस बल्लेबाज़ ने कहा था, ''(लगातार नहीं खेल पाना) निराशाजनक था। राजस्थान के पास अपने चार बड़े विदेशी खिलाड़ी हैं और वह उन्हीं पर टिके रहना चाहते हैं। पिछले कुछ वर्षों में लगातार नहीं खेल पाना मेरे लिए हताश करने वाला था। समय के साथ मैंने सीखा है कि टीम से बाहर होने पर मुंह फुलाने से अच्छा है कि मैं अपने खेल पर काम करूं। बात टीम के इर्द-गिर्द सकारात्मक रहने की है। मैं नई टीम (गुजरात टाइटंस) को लेकर काफ़ी उत्साहित हूं। यह एक नई शुरुआत है और मैं वहां अपनी छाप छोड़ना चाहता हूं।''

वह पर व्यंग्यात्मक तीर नहीं छोड़ रहे थे। जॉस बटलर, जोफ़्रा आर्चर और बेन स्टोक्स जब एकादश में हो तो टीम में जगह बनाना कतई आसान नहीं होता। मिलर किंग्स XI पंजाब के लिए अपने पहले सीज़न में बनकर उभरे हिटर से एक संपूर्ण बल्लेबाज़ के रूप में में विकसित हो चुके हैं। यही कारण है कि 38 गेंदो में 3 चौके और 5 छक्के जड़ने के बाद
68 रन बनाने वाले डेविड मिलर ने अपनी पुरानी फ्रैंचाइजी पर जो कहर बरपाया उसके बाद अपने आधिकारिक अकाउंट से माफी भी मांग ली।
अपने पाले में मिलने वाली गेंदों को वह मैदान के बाहर भेजते थे लेकिन समय के साथ टी20 टीमों ने गेंद को उनके पाले से दूर रखना शुरू किया। इसके बावजूद आठ साल बाद अपने आईपीएल करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना काबिल-ए-तारीफ़ है। मिलर के अनुसार यह सब उन्हें मिले समर्थन का नतीजा है।

अपने करियर में आए इस बदलाव के बारे में पूछे जाने पर मिलर ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ''सबसे पहले तो अवसर (मिलने लगे)। मुझे एक अच्छा रोल और टीम में मौक़े दिए गए। मुझे शुरुआत से ही समर्थन मिला। मैं अपने खेल का आनंद ले रहा हूं और पिछले कुछ वर्षों से मैं अपने खेल को और बेहतर तरीक़े से समझने लगा हूं। दबाव वाली स्थिति में आप कुछ अलग करने लगते हो लेकिन मैं अपने गेम प्लान के साथ चलने की कोशिश कर रहा हूं।''

ऐसा भी कहा जा सकता है कि टीम को मिलर पर उनसे भी ज़्यादा भरोसा था। हार्दिक पांड्या और टीम प्रबंधन के लिए मिलर नीलामी वाले दिन से ही एक मैच विनर थे। उन्होंने पता लगा लिया था कि इस खिलाड़ी को थोड़ा प्यार दिखाने की आवश्यकता है।
David Miller

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस में गुजरात के कप्तान ने कहा, ''मुझे उनके खेल पर गर्व है। वह एक अच्छे खिलाड़ी हैं और मुझे उनके साथ खेलकर गर्व महसूस होता है। मैं हमेशा चाहता था कि उनके जीवन में सब कुछ अच्छा हो। यह दर्शाता है कि अगर आप किसी खिलाड़ी को प्रेम और महत्व देते हैं, वह कमाल कर सकता है।''

हार्दिक ने आगे कहा, ''कई लोगों ने मिलर को नज़रअंदाज़ कर दिया था लेकिन हमारे लिए वह हमेशा से एक मैच विनर थे। उन्होंने आज वही किया जिसकी हमें उम्मीद थी। यह ज़रूरी था कि हम उन्हें महत्व और प्रेम के साथ-साथ एक स्पष्ट भूमिका दें। अगर वह नाकाम भी होते हैं तो कोई बात नहीं, अंत में यह केवल एक मैच है।''



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