IPL 2022 खत्म होने के बाद अब शुरु हुई अगले सत्र के ब्रॉडकास्ट राइट्स की जंग

पुनः संशोधित शुक्रवार, 10 जून 2022 (19:32 IST)
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नई दिल्ली:जेफ बेजोस और मुकेश अंबानी के बीच दुनिया की सबसे मंहगी खेल प्रापर्टी में से एक को हासिल करने की भिड़त अब देखने को नहीं मिल पायेगी क्योंकि ‘ओटीटी जायंट’ ने शुक्रवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) मीडिया अधिकारों के लिये रविवार को शुरू होने वाली बोली से हटने का फैसला किया।रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की वायकोम18 को टीवी और डिजिटल दोनों अधिकार हासिल करने के लिये मजबूत दावेदारों में से एक माना जा रहा है।

डिजिटल अधिकारों के लिये सबसे बड़ी बोली लगाने के लिये बेजोस की अमेजन के सबसे आगे होने की उम्मीद थी लेकिन उसने कारण बताये बिना इस दौड़ से खुद को हटा लिया।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर पीटीआई से कहा, ‘‘हां, अमेजन दौड़ से बाहर हो गया है। उन्होंने आज तकनीकी बोली प्रक्रिया में भी हिस्सा नहीं लिया। जहां तक गूगल (यूट्यूब) का संबंध है तो उन्होंने बोली दस्तावेज लिये थे लेकिन इन्हें जमा नहीं किया है। अभी तक 10 कंपनियां (टीवी और स्ट्रीमिंग) दौड़ में हैं। ’’

इस बार मीडिया अधिकारों के लिये चार विशेष पैकेज हैं जिसमें प्रत्येक सत्र के 74 मैचों के लिये दो दिन तक ई-नीलामी की जायेगी जो 2023 से 2027 तक पांच वर्ष के समय के लिये होगी जिसमें अंतिम दो वर्षों में मैचों की संख्या को बढ़ाकर 94 करने का भी प्रावधान है।पैकेज ए में भारतीय उपमहाद्वीप एक्सक्लूसिव टीवी (प्रसारण) अधिकार हैं जबकि पैकेज बी में भारतीय उपमहाद्वीप के लिये डिजिटल अधिकार शामिल हैं।

पैकेज सी प्रत्येक सत्र में 18 चुनिंदा मैचों के डिजिटल अधिकारों के लिये है जबकि पैकेज डी (सभी मैचों) विदेशी बाजार के लिये टीवी और डिजिटल के लिये संयुक्त अधिकार का होगा।अधिकारी ने कहा, ‘‘इसे स्पष्ट कर देते हैं कि वायकोम18 जेवी (ज्यांइट वेंचर), मौजूदा अधिकारधारी वाल्ट डिज्नी (स्टार), जी और सोनी पैकेज के लिये चार दावेदार हैं जिनकी टीवी और डिजिटल बाजार पर मजबूत पकड़ है। ’’

कुछ अन्य दावेदार, मुख्यत: डिजिटल अधिकारों के लिये टाइम्स इंटरनेट, फनएशिया, ड्रीम11, फैनकोड हैं जबकि स्काई स्पोर्ट्स (ब्रिटेन) और सुपरस्पोर्ट (दक्षिण अफ्रीका) विदेशी टीवी और डिजिटल अधिकारों की कोशिश में जुटे होंगे।पिछली बार स्टार इंडिया ने टीवी और डिजिटल दोनों अधिकार 16,347.50 करोड़ रूपये की संयुक्त बोली में हासिल किये थे लेकिन इस दफा समग्र आधार मूल्य 32,000 करोड़ रूपये से अधिक का होगा।सभी बोली लगाने वाली कंपनियों को इस बार प्रत्येक पैकेज के लिये अलग अलग बोली लगानी होंगी।(भाषा)



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