चेन्नई ने हारे हैं सबसे ज्यादा IPL फाइनल, ऐसे 5 बार मिली थी खिताबी हार

Last Updated: गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021 (23:30 IST)
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2015: मुंबई ने चेन्नई को दी 41 रनों से मात > सलामी बल्लेबाज लेंडल सिमंस और कप्तान रोहित शर्मा के अर्धशतक और दोनों के बीच शतकीय साझेदारी से विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद ने गेंदबाजों के उम्दा प्रदर्शन से इंडियन प्रीमियर लीग फाइनल में चेन्नई सुपरकिंग्स को 41 रन से हराकर दूसरी बार खिताब जीता।> मुंबई को 2010 में शिकस्त का सामना करना पड़ा था लेकिन 2013 और 2015 में टीम खिताब जीतने में सफल रही। टीम की यह खिताबी जीत इसलिए भी अहम है क्योंकि टूर्नामेंट की उसकी शुरुआत बेहद खराब रही थी और उसे पहले चार मैचों में शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

मुंबई इंडियन्स ने सिमंस (68) और रोहित (50) के बीच दूसरे विकेट की 119 रन की साझेदारी से पांच विकेट पर 202 रन बनाए। इसके जवाब में सुपरकिंग्स की टीम सलामी बल्लेबाज ड्वेन स्मिथ (57) के अर्धशतक के बावजूद आठ विकेट पर 161 रन ही बना सकी।

मुंबई इंडियन्स ने की ओर मिशेल मैक्लारेन ने 25 रन देकर तीन विकेट चटकाए जबकि लसिथ मलिंगा और हरभजन सिंह ने क्रमश: 25 और 34 रन देकर दो-दो विकेट हासिल किए।

आईपीएल आठ में चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ पहले लीग मैच में छह विकेट की शिकस्त के बाद मुंबई इंडियन्स ने महेंद्र सिंह धोनी की टीम को लगातार तीन मैच में हराया। मुंबई ने पहले क्वालीफायर में सुपरकिंग्स को 25 रन से हराकर ही फाइनल में जगह बनाई थी।

सुपरकिंग्स की टीम पावर-प्ले में एक विकेट पर 31 रन ही बना सकी। स्मिथ ने ऑफ स्पिनर हरभजन पर दो चौकों के साथ आठवें ओवर में टीम का स्कोर 50 रन तक पहुंचाया।

सुरेश रैना (28) ने भी इसके बाद हरभजन पर छक्का जड़ा जबकि स्मिथ ने हार्दिक पंड्‍या पर चौके के साथ 45वें गेंद में अर्धशतक पूरा किया। हरभजन ने स्मिथ को पगबाधा आउट करके सुपरकिंग्स को दूसरा झटका दिया।

इसके साथ ही रैना के साथ स्मिथ की 66 रन की पारी का अंत हुआ। उन्होंने 48 गेंद की अपनी पारी में नौ चौके और एक छक्का मारा। हरभजन ने अपने अगले ओवर में रैना को भी विकेटकीपर पार्थिव पटेल के हाथों स्टंप कराया। रैना की 19 गेंद की पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा।

ड्वेन ब्रावो (9) भी मैक्लारेन की गेंद को थर्ड मैन पर सीधे सिमंस के हाथों में खेल गए जबकि मलिंगा ने धोनी (18) को बोल्ड करके सुपरकिंग्स की रही सही उम्मीद भी तोड़ दी। सुपरकिंग्स को अंतिम चार ओवर में जीत के लिए 78 रन की दरकार थी और उसके लिए यह रन पहाड़ जैसे साबित हुए।

विनय कुमार ने इसके बाद फाफ डु प्लेसिस (1), मलिंगा ने पवन नेगी (3) और मैक्लारेन ने रविचंद्रन अश्विन (2) को पैवेलियन भेजा। चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 161 रन ही बना सकी।

इससे पूर्व टॉस हारकर बल्लेबाजी करने उतरी मुंबई की टीम ने पहले ओवर में ही पार्थिव पटेल (0) का विकेट गंवा दिया, जिन्हें फाफ डु प्लेसिस ने रन आउट किया।

बेहतरीन फार्म में चल रहे लेंडल सिमंस और रोहित ने इसके बाद तूफानी बल्लेबाजी का नजारा पेश किया। रोहित ने पारी के दूसरे ओवर में मोहित शर्मा पर छक्का और दो चौके मारे जबकि अगले ओवर में आशीष नेहरा पर भी दो चौके जड़े।

सिमंस ने भी तेवर दिखाते हुए रविचंद्रन अश्विन पर चौका और छक्का मारा जबकि रविंद्र जडेजा का स्वागत दो चौकों और छक्कों के साथ करके पावर-प्ले में टीम का स्कोर एक विकेट पर 61 रन तक पहुंचाया।

सिमंस 48 रन के निजी स्कोर पर भाग्यशाली रहे जब मोहित की गेंद पर पवन नेगी उनका मुश्किल कैच लपकने में नाकाम रहे। सिमंस ने इसी गेंद पर दो रन के साथ 35 गेंद में आईपीएल आठ का छठा अर्धशतक पूरा किया।

रोहित ने भी ड्वेन ब्रावो पर दो चौकों के साथ 25 गेंद में अर्धशतक पूरा किया लेकिन ओवर की अंतिम गेंद पर लांग आन पर जडेजा को आसान कैच दे बैठे। उन्होंने 26 गेंद की अपनी पारी में छह चौके और दो छक्के मारे। धोनी ने अगले ओवर में गेंद स्मिथ को थमाई और उन्होंने पहली ही गेंद पर सिमंस को बोल्ड कर दिया। यह स्मिथ की आईपीएल आठ की पहली गेंद थी।

लगातार दो गेंद पर दो जमे हुए बल्लेबाजों के विकेट गंवाने के बाद रन गति में कुछ गिरावट आई। पोलार्ड ने 17वें ओवर में नेहरा को निशाना बनाते हुए उनके ओवर में तीन छक्के और एक चौके सहित 23 रन बटोरे। रायुडू ने भी स्मिथ और ब्रावो पर छक्के जड़े।

स्मिथ ने इसके बाद ब्रावो की गेंद पर रायुडू का आसान कैच छोड़ा। रायुडू ने मोहित पर छक्का जड़ा लेकिन इसी ओवर में पोलार्ड सुरेश रैना को कैच दे बैठे। उन्होंने 18 गेंद का सामना करते हुए दो चौके और तीन छक्के मारे।

ब्रावो ने अंतिम ओवर की दूसरी गेंद पर हार्दिक पंड्‍या (0) को पैवेलियन भेजा। हरभजन सिंह (नाबाद 6) ने ब्रावो पर छक्का जड़ा और फिर अगली गेंद पर लेग बाय के चार रन के साथ टीम स्कोर 200 रन पार कर गया। रायुडू ने 24 गेंद का सामना करते हुए तीन छक्के जड़े। ब्रावो सुपरकिंग्स के सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 36 रन देकर दो विकेट चटकाए।



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