चेन्नई ने हारे हैं सबसे ज्यादा IPL फाइनल, ऐसे 5 बार मिली थी खिताबी हार

Last Updated: गुरुवार, 14 अक्टूबर 2021 (23:30 IST)
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आईपीएल 2012 फाइनल- कोलकाता ने चेन्नई को 5 विकेट से हराया > दिलचस्प बात यह है जब कोलकाता पहली बार फाइनल में पहुंची थी तो उसका सामने दो बार की चैंपियन चेन्नई से हुआ था। कोलकाता नाइटराइडर्स ने उतार-चढ़ाव से भरे रोमांचक फाइनल में चेन्नई सुपरकिंग्स पर पांच विकेट की जीत दर्ज करके पहली बार इंडियन प्रीमियर लीग का खिताब जीता। इस जीत से शाहरुख खान के स्वामित्व वाली केकेआर ने चेन्नई का लगातार तीसरा खिताब जीतने का सपना भी चकनाचूर कर दिया।> चेन्नई का यह चौथा आईपीएल फाइनल था और उसने पहले बल्लेबाजी की। माइकल हसी (43 गेंद पर 54 रन) और मुरली विजय (32 गेंद पर 42) ने टीम को अच्छी शुरुआत ‍दिलाई। बाद में रैना (38 गेंद पर 73) ने पांच छक्के जड़कर टीम को तीन विकेट पर 190 रन के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया।

केकेआर की जीत के नायक सलामी बल्लेबाज मानविंदर बिस्ला रहे। उन्होंने 48 गेंद पर आठ चौकों और पांच छक्कों की मदद से 89 रन बनाए। जैक कैलिस ने 49 गेंद पर 69 रन की पारी खेली। इन दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 136 रन की साझेदारी की, जो आखिर में निर्णायक साबित हुई।

केकेआर ने 19.4 ओवर में पांच विकेट पर 192 रन बनाकर चेन्नई के स्कोर को बौना साबित कर दिया। गौतम गंभीर की अगुवाई वाली केकेआर की टीम पहली बार फाइनल में पहुंची थी और उसी में चैंपियन बनने में सफल रही। अंतिम क्षणों में हालांकि मैच काफी तनावपूर्ण बन गया था, लेकिन आखिर में शाहरुख की बेटी सुहाना केकेआर के लिए भाग्यशाली साबित हुई। सुहाना जिस मैच में भी मौजूद रही उसमें केकेआर को जीत मिली।

आखिरी ओवर में नौ रन की दरकार थी तथा मनोज तिवारी (तीन गेंद पर नाबाद नौ रन) ने ड्वेन ब्रावो की तीसरी और चौथी गेंद पर चौका जड़कर शाहरुख एंड कंपनी को झूमने के लिए मजबूर कर दिया। वैसे केकेआर की जीत की नींव बिस्ला और कैलिस ने रखी।

हरियाणा के रहने वाले 27 वर्षीय बिस्ला ने कप्तान गौतम गंभीर (चार गेंद पर दो रन) के पहले ओवर में ही आउट होने के बाद कुछ दर्शनीय शॉट लगाकर केकेआर के दर्शकों को निराश नहीं होने दिया। हिल्फेनहास ने गंभीर के बल्ले और पैड के बीच से गेंद निकालकर उनका ऑफ स्टंप उखाड़ दिया था। पहले तीन ओवर में केवल 16 रन बने। यहां से बिस्ला ने केकेआर की उम्मीदों को पंख लगाए।

उन्होंने एल्बी मोर्कल के ओवर में चार चौके जड़कर शुरुआत की और फिर रविचंद्रन अश्विन का दो छक्कों से स्वागत किया। वह अलग बात है कि इसी ओवर में 38 रन के निजी योग पर हिल्फेनहास ने उनका मुश्किल कैच छोड़ा। बिस्ला ने ड्वेन ब्रावो का स्वागत भी मिडऑफ पर छक्का लगाकर किया। उन्होंने केवल 27 गेंद पर अपने करियर का चौथा अर्धशतक पूरा किया और फिर ब्रावो के अगले ओवर में पहले चौका और फिर छक्का जमाया। इससे केकेआर दसवें ओवर तक सैकड़ा पूरा कर गया।

लक्ष्मीरतन शुक्ला (3) भी आते ही डगआउट में पहुंच गए, लेकिन कैलिस ने दूसरे छोर से रन बनाना जारी रखा। उन्होंने शादाब जकाती पर दो चौके जड़कर अर्धशतक पूरा किया और फिर ब्रावो की दो गेंदों को चौके और छक्के लिए भेजा। अश्विन ने यूसुफ पठान (1) को आउट करके फिर से मैच रोमांचक बनाने की कोशिश की।

इससे पहले विजय और हसी ने पहले विकेट के लिए 87 रन की साझेदारी करके चेन्नई के लिये बढ़िया नींव रखी। ब्रेट ली और शाकिब अल हसन दोनों पहला ओवर किफायती करने के बाद अगले ओवर में पिट गए जिसके बाद गंभीर को अपने तुरुप के इक्के सुनील नरेन को गेंद सौंपनी पड़ी। ली छठा ओवर करने आए जिसमें विजय और हसी दोनों ने छक्के जमाए। इससे चेन्नई तीन ओवर में केवल दस रन बनाने के बावजूद पॉवरप्ले के छह ओवर में 54 रन जुटाने में सफल रहा।

इन दोनों की साझेदारी 11वें ओवर में रजत भाटिया ने तोड़ी। उनकी धीमी गेंद को विजय ने स्क्वायर लेग पर भेजना चाहा, लेकिन वह सही तरह से उनके बल्ले पर नहीं आई और शाकिब ने डाइव लगाकर उसे कैच में बदल दिया। विजय ने चार चौके और एक छक्का लगाया।

रैना ने ली की शॉर्ट पिच गेंद पर छक्का जमाने के बाद नरेन को भी नहीं बख्शा। उन्होंने इस रहस्यमयी स्पिनर की गेंद को भी डीप मिडविकेट पर छह रन के लिए भेजकर केवल 27 गेंद पर अपना पचासा पूरा किया।

रैना ने शाकिब की पारी की आखिरी गेंद पर डीप मिडविकेट पर कैच थमाया। इससे पहले हसी ने कैलिस की गेंद पर बोल्ड होने से पहले अपनी पारी में चार चौके और दो छक्के लगाए। उनका स्थान लेने के लिए आए धोनी (नौ गेंद पर 14 रन) ने कैलिस के इसी ओवर में दो चौके लगाए।



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