IPL 10 : पुणे के पास स्थिति मजबूत करने का मौका

Last Updated: शनिवार, 29 अप्रैल 2017 (00:11 IST)
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पुणे। के दसवें संस्करण में उतार चढ़ाव से गुज़र रही के पास टूर्नामेंट से जल्द बाहर होने की कगार पर पहुंच गई विराट कोहली की रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ शनिवार अपने घरेलू मैदान पर जीत के साथ स्थिति बेहतर करने का मौका रहेगा।





पुणे ने अपने पिछले दो मैचों में एक मुंबई से मात्र तीन रन से रोमांचक अंदाज में जीता तो दूसरे में वह कोलकाता के हाथों सात विकेट से हारकर पटरी से उतर गई। स्टीवन स्मिथ के नेतृत्व और महेंद्र सिंह धोनी के अनुभव वाली पुणे आठ मैचों में चार जीतकर फिलहाल चौथे नंबर पर है और प्लेआफ के लिए रेस में बने रहने के लिए उसे वापिस जीत की पटरी पर लौटना होगा।





टूर्नामेंट में जहां अब टीमों के बीच नेट रन रेट बेहतर करने और तालिका में ऊपर बढ़ने की होड़ लगी है तो वहीं विराट कोहली की टीम बेंगलुरु लगातार निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए अब आईपीएल से जल्द बाहर होने की कगार पर पहुंच चुकी है।

बेंगलुरु ने अब तक नौ मैचों में दो ही जीते हैं जबकि छह में उसे हार मिली है और एक ड्रा रहा है। पिछले मैच में तालिका की आखिरी टीम गुजरात के खिलाफ भी वह 37 गेंदे शेष रहते सात विकेट से मैच हार बैठी जिसके बाद अब उसकी आगे बढ़ने की उम्मीद बहुत कम बची है।




दूसरी ओर पुणे की स्थिति फिलहाल बेंगलुरु से काफी बेहतर है और वह धीरे धीरे ही सही आगे बढ़ने का प्रयास कर रही है। पुणे की टीम में बल्लेबाजी और गेंदबाजी में जो संतुलन और तालमेल दिखता है उसकी भारी कमी फिलहाल बेंगलुरु की टीम में है। सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में शुमार स्टीवन स्मिथ, अजिंक्य रहाणे, राहुल त्रिपाठी ओपनिंग क्रम के अच्छे खिलाड़ी हैं। केकेआर के खिलाफ भी इन खिलाड़ियों ने टीम को पांच विकेट पर 182 के मजबूत स्कोर तक पहुंचाया था।



कप्तानी के साथ साथ निरंतर बल्ले से भी योगदान दे रहे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी स्मिथ सात मैचों में 275 रन के साथ सर्वश्रेष्ठ स्कोरर हैं तो त्रिपाठी और रहाणे भी दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं जबकि टीम के पूर्व कप्तान धोनी का अनुभव भी टीम के लिए अहम है। मैच में स्मिथ के धोनी से सलाह लेने की तस्वीरों के बाद यह तो साफ है कि कप्तान नहीं होने पर भी धोनी का अनुभव पुणे को मददगार साबित हो रहा है।



पुणे अपना पिछला मैच गेंदबाजों के महंगे खेल की वजह से हारी थी लेकिन बेन स्टोक्स, इमरान ताहिर और जयदेव उनादकट उसकी अहम गेंदबाजी तिकड़ी है जो निरंतर अच्छा खेल दिखा रहे हैं। दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज ताहिर पिछले आठ मैचों में 10 विकेट लेकर टीम के सबसे सफल गेंदबाज हैं और बेंगलुरु की खराब बल्लेबाजी के खिलाफ अहम होंगे।




बेंगलुरु की टीम जहां विराट, एबी डीविलियर्स और क्रिस गेल की तिकड़ी पर अहंकार करती थी तो वहीं पिछले आठ में से तीन मौकों पर ही यह टीम 150 से अधिक का स्कोर बना सकी है। उसने पिछले लगातार दो मैचों में तो 49 और 134 के मामूली स्कोर बनाकर मैच गंवाए हैं। गुजरात जैसी फिसड्डी टीम के सामने भी ए तिकड़ी कुल 23 रन ही बना सकी। विराट पिछले दो मैचों में शून्य और 10 पर जबकि एबी आठ और पांच रन पर आउट हुए हैं।





विराट की टीम फिलहाल अपनी स्थिति सुधारने का प्रयास ही कर सकती है और अब यदि वह हारती है तो उसकी बची हुई उम्मीदें भी समाप्त हो जाएंगी। पुणे के मजबूत बल्लेबाजी क्रम को रोकने के लिए उसके गेंदबाजों सैमुअल बद्री, श्रीनाथ अरविंद, युजवेंद्र चहल, पवन नेगी को कहीं बेहतर गेंदबाजी करनी होगी। (वार्ता)



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