Russia-Ukraine War : राष्ट्रपति जेलेंस्की के सलाहकार बोले- युद्ध में हर दिन यूक्रेन के 100-200 सैनिक मारे गए...

पुनः संशोधित शुक्रवार, 10 जून 2022 (23:32 IST)
हमें फॉलो करें
कीव। के राष्ट्रपति के मिखाइलो पोडोलियाक ने कहा है कि के हमले में हर दिन यूक्रेन के 100 से 200 सैनिक मारे गए हैं और पश्चिमी देशों से अत्याधुनिक हथियार मिलने पर ही रूस के खिलाफ बेहतर जवाबी कार्रवाई हो पाएगी।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन के पास हथियार रहने से हताहतों की संख्या कम होगी और रूस भी वार्ता की मेज पर आने के लिए मजबूर होगा। पोडोलियाक ने कहा कि दोनों सेनाओं के बीच साजो-सामान को लेकर भारी अंतर के कारण युद्ध में हर दिन यूक्रेन के 100 से 200 सैनिक मारे गए हैं।

हाल में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा था कि रोजाना 100 सैनिकों की मौत हुई है। पोडोलियाक ने कहा कि हताहत होने वालों की संख्या लगातार बढ़ती गई है। पोडोलियाक ने कहा कि नुकसान के मद्देनजर पश्चिमी देशों को और हथियारों की आपूर्ति करनी चाहिए, जो कि बेहतर हथियारों से लैस रूसी सैनिकों से सामना करने में यूक्रेन के सैनिकों के लिए काफी मददगार होगा।

शुरुआती दिनों में कीव पर लगातार हमलों के बाद रूस का ध्यान अब औद्योगिक डोनबास क्षेत्र की कोयला खदानों और कारखानों पर नियंत्रण करने पर है। लेकिन प्रतिरोध के कारण रूसी सैनिकों की बढ़त धीमी हुई है। पोडोलियाक ने कहा कि अत्याधुनिक हथियारों की आपूर्ति से न केवल यूक्रेन के हताहतों की संख्या घटेगी बल्कि सेना इसके जरिए उन क्षेत्रों पर भी नियंत्रण बना सकती है जिस पर रूस ने कब्जा कर लिया है।

डोनबास में भीषण लड़ाई शुक्रवार को भी जारी रही। लुहांस्क के गवर्नर ने कहा कि यूक्रेन की सेना हर सड़क और घर के लिए लड़ रही है। लुहांस्क में सिविरोदोनेत्सक ही ऐसा क्षेत्र है जिस पर रूस अब तक कब्जा नहीं कर पाया है।

लुहांस्क के गवर्नर सेरही हैदई ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र पर यूक्रेन के सैनिकों का नियंत्रण कायम है और बाकी कुछ अन्य जगहों पर लड़ाई हो रही है। जेलेंस्की ने गुरुवार को कहा कि डोनबास क्षेत्र में स्थिति लगातार बदल रही है, वहीं जापोरिजिया क्षेत्र में यूक्रेन के सैनिकों को कुछ बढ़त मिली है।

लंदन में ब्रिटेन की सरकार ने कहा है कि रूस को ब्रिटेन के दो लोगों और मोरक्को के एक नागरिक के खिलाफ झूठे मुकदमे की जिम्मेदारी लेनी चाहिए, जिन्हें यूक्रेन में रूसी सेना के खिलाफ लड़ने के लिए मौत की सजा सुनाई गई।

ब्रिटेन के एडेन असलिन और शॉन पिनर तथा मोरक्को के ब्राहिम सादौन को दोनेत्सक पीपुल्स रिपब्लिक में मास्को समर्थक अलगाववादी प्रशासन द्वारा संचालित एक अदालत द्वारा दोषी ठहराया गया था। ब्रिटेन ने यह नहीं बताया है कि क्या इस बारे में रूसी अधिकारियों के साथ बातचीत की जाएगी।(भाषा)



और भी पढ़ें :