ISIS का पैशाचिक कृत्य, बच्चों से बार-बार रेप...

Last Updated: बुधवार, 27 जनवरी 2016 (13:04 IST)
वे कुर्द हैं लेकिन कोई भी देश चाहे इराक या तुर्की न तो कुर्दिशनेस को स्वीकार करता है और यजीदी होने के कारण उनके धर्म को भी मान्यता नहीं मिलती। ज्यादातर देशों में यजीदी लोगों की पहचान में धर्म का कॉलम खाली ही छोड़ दिया जाता है। अन्य मुस्लिम देशों की तरह से तुर्की में भी यजीदियों को अन्य अल्पसंख्यकों की तरह प्रताड़ित किया। उनके साथ भेदभाव किया और उनके खिलाफ घृणात्मक बातें ही लिखी गईं या कही गईं।

इन लोगों को अपना ही देश छोड़कर भागना पड़ा। उनके गांवों और जमीनों पर कब्जा कर लिया गया। उनकी कृषि की जमीन हथिया ली गई और उनके पवित्र स्थलों पर कब्जाकर उन्हें नष्ट भ्रष्ट कर दिया गया। भाषा, धर्म और संस्कृति के नाम पर यजीदियों का खात्मा किया जा रहा है।

सीरिया और इराक में आतंकवादी उनका सामूहिक नरसंहार करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। उत्तरी इराक से जान बचाकर भागी यजीदी महिलाओं का कहना है कि ज्यादातर महिलाओं, लड़कियों, बच्चों को अगवा कर लिया गया।

कुछ महिलाओं, और लड़कियों को उनके 7, 8 या नौ वर्ष से छोटे भाई बहनों को रक्तस्राव के कारण अपनी आंखों के सामने मरते देखा है क्योंकि आईएसआईएस मिलिशिया के लड़ाके उनके साथ एक दिन में कई-कई बार किया जाता था। यजीदी महिलाओं से उनके बच्चे छीन लिए गए और जब उन्होंने अपने बच्चों को मांगा तो उनसे कहा गया कि अभी अभी उन्होंने जो मांस खाया है, वह उनके बच्चों का ही था।

जिन यजीदी लड़कियों ने इस्लाम अपनाने से इनकार कर दिया या आईएसआईएस लड़ाकों से शादी नहीं की, उन्हें जिंदा जला दिया गया। यजीदी बच्चों को जिहादी या आत्मघाती बॉम्बर बना दिया गया है। यह सब इसलिए क्योंकि वे मुस्लिम नहीं हैं। लेकिन शांति का धर्म कहलाने वाले मुस्लिम इन पूरी तरह से शांतिप्रिय लोगों को जिंदा जला रहे हैं।

वे दुनिया के सबसे शांतिप्रिय लोग हैं लेकिन समूची दुनिया के सामने उनका सामूहिक नरसंहार किया जा रहा है और वे दुनिया के हर हिस्से में मुस्लिम बर्बरता का शिकार हो रहे हैं। लेकिन इनकी हालत पर किसी भी देश को रहम नहीं आता है।









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