ISIS का पैशाचिक कृत्य, बच्चों से बार-बार रेप...

Last Updated: बुधवार, 27 जनवरी 2016 (13:04 IST)
विदित हो कि अगस्त 1014 में इस्लामी स्टेट के जिहादियों ने चार लाख यजीदियों के शहर सिंजर पर हमला किया था। संयुक्त राष्ट्र कार्यालय ने इस बात की पुष्टि की है कि यहां पर कम से कम पांच हजार पुरुषों की हत्या की गई और कम से कम सात हजार महिलाओं और लड़कियों को यौन दासियां बना लिया गया था। हालांकि कुछ महिलाएं भागने में सफल हुईं या कुछ को फिरौती की रकम देने के बाद छुड़ा लिया गया। पर अभी भी हजारों की संख्या में यजीदी गायब हैं।

जर्मन ब्रॉडकास्टर एआरडी ने अपने एक समाचार में ऐसी तस्वीरें दिखाई हैं जिनमें के लोग यजीदी गुलामों का बंटवारा कर रहे हैं। इसमें तुर्की में अंडरकवर फुटेज में आईएसआईएस ऑपरेटर्स को गुलामों की खरीद का भुगतान लेते हुए दिखाया गया है।

जर्मन टीवी चैनलों एनडीआर और एसडब्ल्यूआर ने अपनी वेबसाइट्‍स पर घोषणा की है, 'आईएस (इस्लामिक स्टेट) महिलाओं और कम उम्र के बच्चों को वर्चुअल सेल मार्केट में बिक्री के लिए रखता है। रिपोर्टर पता लगाता है कि पैसों का लेन-‍देन तुर्की स्थि‍त एक सम्पर्क कार्यालय के जरिए किया जाता है।'
हफ्तों तक एनडीआर और एसडब्ल्यूआर के लोग एक यजीदी निगोशिऐटर (मध्यस्थ) के साथ गए जिसने गुलामों और उनके बच्चों की आईएस से रिहाई के लिए बातचीत की। महिलाओं को डिजिटल स्लेव मार्केट में सबसे ऊंची बोली लगाने वाले, जोकि 15 हजार से लेकर 20 हजार डॉलर तक होती है, बेचते हैं। यजीदियों को छुड़ाने के लिए भी इतने ही पैसों की जरूरत होती है। रिहाई के लिए राशि को आईएस के सम्पर्क कार्यालय को ट्रांसफर किया जाता है और मध्यस्थों के जरिए आतंकवादी गुट तक पहुंचा दी जाती है।
एक महिला और उसके तीन छोटे बच्चों की रिहाई के समय एनडीआर और एसडब्ल्यूआर के लोग मौजूद थे। बच्चे दो से चार वर्ष की उम्र तक के थे। इन लोगों ने मध्यस्थता के बारे में जाना। कितनी यजीदी गुलाम महिलाएं अभी भी आईएस के कब्जे में हैं, यह स्पष्ट नहीं है लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि इनकी संख्या भी सैकड़ों में हो सकती है।

इस मध्यस्थ ने टीवी चैनलों को बताया कि एक वर्ष के दौरान उसने 250 यजीदी महिलाओं और बच्चों की रिहाई के लिए उनके परिवारों से करीब 25 लाख डॉलर की राशि आईएसआईएस तक पहुंचाई है। उसका यह भी कहना था कि गुलामों की बिक्री के लिए विज्ञापन करते समय आईएसआईएस गुलाम महिलाओं और बच्चों को एक खास नंबर देते हैं। बाद में, इनकी तस्वीरों को व्हाटएप मेसेंजर और स्मार्टफोन एप पर पोस्ट कर दिया जाता है।

इन रिपोर्टों के आधार पर गाजीएंटेप बार एसोसिएशन ने तुर्की के राष्ट्रीय खुफिया संगठन (एमआईटी) के खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दर्ज कराई है। इसमें कानून प्रवर्तन अधिकारियों को कर्तव्य की अवहेलना करने, दुराचरण करने के लिए दोषी बताया गया है क्योंकि उनकी लापरवाही को मीडिया ने लोगों के सामने ला दिया। उन्होंने मानव तस्करी, वेश्यावृत्ति, नरसंहार, स्वतंत्रता छीनने, मानवता के खिलाफ अपराध करने और प्रवासियों की तस्करी करने के लोगों को तुर्की के कानून के अनुसार सजा देने की मांग की है।
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