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17 अक्टूबर : मदर टेरेसा को इस दिन मिला था नोबेल शांति पुरस्कार

शनिवार,अक्टूबर 16, 2021
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आप अपना भविष्‍य नहीं बदल सकते लेकिन आपकी आदतें निश्‍चित रूप से आपका भविष्य बदल देंगी। डॉ अवुल पकिर जैनुलाब्‍दीन अब्‍दुल कलाम जिन्‍हें सभी डॉ. एपीजे अब्‍दुल कलाम कहते थे। वह एक ऐसी शख्सियत हैं जिनका नाम सुनते ही दिल और दिमाग उर्जा से भर जाते हैं। डॉ ...
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स्वतंत्रता सेनानी राममनोहर लोहिया का जन्म फैजाबाद में 23 मार्च 1910 को हुआ था।
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लोकनायक के शब्द को असलियत में चरितार्थ करने वाले जयप्रकाश नारायण अत्यंत समर्पित जननायक और मानवतावादी चिंतक तो थे ही इसके साथ-साथ उनकी छवि अत्यंत शालीन और मर्यादित सार्वजनिक जीवन जीने वाले व्यक्ति की भी है। उनका समाजवाद का नारा आज भी हर तरफ गूंज रहा ...
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भारत की महानतम वीरांगना रानी दुर्गावती का जन्म 5 अक्टूबर 1524 में हुआ था, जिन्होंने अपनी मातृभूमि और आत्मसम्मान की रक्षा हेतु अपने प्राणों का बलिदान दिया।
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एनी बेसेंट के बारे में 20 बातें

गुरुवार,सितम्बर 30, 2021
एनी बेसेंट का जन्म 1 अक्टूबर 1847 को लंदन में हुआ था। बाल्यावस्था में ही उनके पिता का निधन हो गया।
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महात्मा गांधीजी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उनका जन्म 2 अक्टूबर को पोरबंदर में हुआ था। महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन, मार्टिन लूथर किंग जूनियर और साउथ अफ्रीका के नेल्सन मंडेला महात्मा गांधी को पसंद करते थे।
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महात्‍मा गांधी का पूरा नाम मोहनदास करमचंद गांधी था। उन्‍हें भारत का राष्ट्रपिता भी कहा जाता है। गांधी जी के पिता का नाम करमचंद गांधी था
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समूचे विश्‍व में जहां भी महिलाओं को कमतर आंका गया है उन्‍होंने हमेशा नए रिकॉर्ड दर्ज किए है। अक्‍सर महिलाओं ने कई सारी रूढ़ि वादी सोच तोड़कर अपना जीवन तो संवारा है साथ ही आने वाली पीढ़ी के लिए भी दरवाजे खोल दिए। एक ऐसी ही शख्सियत हैं आरती साहा। ...
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देश के लिए प्राण न्यौछावर कर देने वाले शहीद-ए-आजम भगत सिंह का एक गुम हुआ खत जो उन्होंने क्रांतिकारी साथी हरिकिशन तलवार के मुकदमे में वकीलों के रवैए के खिलाफ लिखा था।
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भगत सिंह क्रांतिकारी देशभक्त ही नहीं बल्कि एक अध्ययनशीरल विचारक, कलम के धनी, दार्शनिक, चिंतक, लेखक, पत्रकार और महान मनुष्य थे।
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पश्चिम बंगाल में हुगली जिले के राधानगर गांव में राजा राम मोहन राय का जन्म 22 मई, 1772 को हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा गांव में हुई। उनके पिता रामकांत राय वैष्णव थे।
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भारतीय राजनीति को नई विचारधारा से सींचने में पंडित दीनदयाल उपाध्‍याय की बहुत बड़ी भूमिका रही हैं। उनकी सोच बहुत बड़ी थी। उनके लिए देश से सर्वोपरी कुछ नहीं था। उनकी सबसे बड़ी विचारधारा थी एकात्‍म मानववाद यानी की स्‍वदेशी सामाजिक-आर्थिक मॉडल अपनाना। ...
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इस वर्ष 25 सितंबर 2021 को राष्ट्रवादी चिंतक, विचारक पं. दीनदयाल उपाध्याय की 105वीं जयंती मनाई जाएगी।
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भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में राष्ट्रवादी आंदोलन की प्रमुख नेता रहीं भीकाजी कामा का जन्म 24 सितंबर 1861 को बंबई (मुंबई) में पारसी समुदाय के एक अमीर एवं मशहूर शख्सियत भीकाई सोराब जी पटेल के घर हुआ था।
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भारत में सॉफ्टवेयर उद्योग की बात होते ही एन.आर नारायण मूर्ति और उनकी कंपनी इंफोसिस का जिक्र स्वत: ही हो जाता है। उनका जन्म 20 अगस्त 1946 को कर्नाटक के मैसूर में हुआ था। वह बचपन से ही प्रतिभाशाली छात्र थे। नारायण मूर्ति के पिता एक स्कूल अध्यापक थे।
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वर्ल्‍ड रोज डे यानी विश्‍व गुलाब दिवस हर साल 22 सितंबर को मेलिंडा रोज की याद में मनाया जाता है। मेलिंडा छोटी थी अपने जीवन की तरंगों का ठीक से आनंद भी नहीं लिया था
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शिवाजी सावंत प्रख्‍यात मराठी साहित्यकार थे। उनका जन्‍म 31 अगस्‍त 1940 को आजरा, जिला कोल्‍हापुर, महाराष्‍ट्र में हुआ था। उनका पूरा नाम शिवाजी गोविंदराव सावंत था। बचपन से ही उन्‍हें लेखन में रूचि थी। अपने लेखन की शुरूआत उन्‍होंने कविता से की थी। ...
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कर्नाटक संगीत की नामचीन हस्ती एमएस सुब्बुलक्ष्मी की जयंती है आज....
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देवदास, परिणीता, श्रीकांत जैसे उपन्‍यास शरतचंद्र चट्टोपाध्‍याय ने बांग्‍ला में लिखे थे। लेकिन उनकी रचनाओं के अलग -अलग भाषा में अनुवाद ने उनको देश-विदेश में मशहूर बना दिया। उनके उपन्‍यास वर्तमान परिस्थितियों से भी ताल्‍लुक रखते हैं। उनके किरदारों में ...
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