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History of karwa chauth : करवा चौथ व्रत का इतिहास शर्तिया नहीं जानते होंगे आप

गुरुवार,अक्टूबर 21, 2021
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आज 21 अक्टूबर 2021 गुरुवार से कार्तिक मास प्रारंभ हो चुका है। कार्तिक माह ( Kartik Maas 2021 ) भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का महीना है। इस महीने में दोनों की पूजा के साथ ही तुलसी पूजा का खास महत्व होता है। माता लक्ष्मी और तुलसी की पूजा ( Tulsi puja ...
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हिन्दू पंचांग के अनुसार इस बार कार्तिक का महीना 21 अक्टूबर से शुरू हो गया है और यह 19 नवंबर 2021 को समाप्त होगा। इस माह कई खास तीज-त्योहार, व्रत, शुभ संयोग लेकर आ रहा है। यह हिन्दू पंचांग का आठवां मास है। इस माह की शुक्ल एकादशी से चातुर्मास का समापन ...
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पौराणिक मान्यताओं के अनुसार वाल्मीकि का जन्म आश्विन माह की शरद पूर्णिमा के दिन हुआ था। इस बार 20 अक्टूबर 2021 को उनकी जयंती मनाई जाएगी। आओ जानते हैं कि वह क्या कारण था जिसके चलते वाल्मीकि ने महाकाव्य रामायण की रचना की थी।
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Meerabai Jayanti: प्रत्येक वर्ष अश्विन मास की शरद पूर्णिमा के दिन भगवान श्री कृष्ण की भक्त मीराबाई की जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार मीराबाई जयंती 20 अक्टूबर 2021 दिन बुधवार यानि आज मनाई जा रही है।
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21 अक्टूबर 2021 से पवित्र माह कार्तिक माह का प्रारंभ हो रहा है। धर्म शास्त्रों के अनुसार जो मनुष्य कार्तिक मास में व्रत व तप करता है उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। पुराणों में कहा है कि भगवान नारायण ने ब्रह्मा को, ब्रह्मा ने नारद को और नारद ने ...
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21 अक्टूबर 2021 से कार्तिक माह का प्रारंभ हो रहा है। हिन्दू शास्त्रों के अनुसार कार्तिक माह में व्रत, स्नान और दान का बहुत ही ज्यादा महत्व है। इससे पाप का नाश होकर सुख, शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस माह में पवित्र नदी या जलाशयों में स्नान ...
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शरद पूर्णिमा के बाद कार्तिक मास आरंभ हो रहा है। इस माह में विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ ही यम, धन्वंतरि, गोवर्धन, श्रीकृष्ण, चित्रगुप्त आदि की पूजा का महत्व होता है। इस माह में एक साथ समस्त देवी-देवताओं को प्रसन्न किया जा सकता है। आओ जानते ...
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आश्‍विन माह के अंतिम दिन शरद पूर्णिमा के बाद से कार्तिक माह ( kartik maas ) प्रारंभ हो जाता है। इस माह की शुरुआत कृष्ण पक्ष से होती है। इस पक्ष की त्रयोदशी को धनतेरस और अमावस्या को दीपावली का त्योहार मनाया जाता है। पुराणों में कार्तिक माह की ( ...
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करवा चौथ के शुभ मुहूर्त, पूजा विधि के साथ जानिए कब उगेगा चंद्रमा
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आदिकवि महर्षि वाल्मीकि जी ने रामायण की रचना करके हर किसी को सद्‍मार्ग पर चलने की राह दिखाई। पावन ग्रंथ रामायण में प्रेम, त्याग, तप व यश की भावनाओं को महत्व दिया गया है। वाल्मीकि के अनुसार दुख और विपदा जीवन के 2 ऐसे मेहमान हैं, जो बिना निमंत्रण के ही ...
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अग्नि पुराण के अनुसार जब ब्रह्मा जी ने सृष्टि रचने का विचार किया तो सबसे पहले अपने मानसिक संकल्प से मानस पुत्रों की रचना की। उनमें से एक मानस पुत्र ऋषि अत्रि का विवाह ऋषि कर्दम की कन्या अनुसुइया से हुआ जिससे दुर्वासा, दत्तात्रेय व सोम तीन पुत्र हुए। ...
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शरद पूर्णिमा को कोजागिरी पूर्णिमा व्रत और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है... इस मौके पर आइए जानते हैं पौराणिक एवं प्रचलित कथा...
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चांदनी रात में मध्यरात्रि 10 से1 2 बजे के बीच कम वस्त्रों में घूमने वाले व्यक्ति को ऊर्जा प्राप्त होती है। सोमचक्र, नक्षत्रीय चक्र और आश्विन के त्रिकोण के कारण शरद ऋतु से ऊर्जा का संग्रह होता है और बसंत में निग्रह होता है।
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भारतीय राज्य उत्तराखंड में गिरिराज हिमालय की केदार नामक चोटी पर स्थित देश के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सर्वोच्च केदारेश्वर ज्योतिर्लिंग का मंदिर। इस संपूर्ण क्षेत्र को केदारनाथ धाम के नाम से जाना जाता है। यह स्थान छोटा चार धाम में से एक है। ...
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उत्तराखंड पंचबद्री के अलावा पंचकेदार और पंचप्रयाग की महिमा का वर्णन मिलता है। मुख्‍य केदारनाथ मंदिर के अलावा भी चार ऐसा मंदिर है जिन्हें केदारनाथ ही माना जाता है। आओ जानते हैं इन मंदिरों के नाम और ये कहां स्थित है।
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मुनि विद्यासागर जी महाराज एक प्रख्यात दिगंबर जैन आचार्य हैं। वे जैन धर्म के तपस्वी, अहिंसा, करुणा, दया के प्रणेता और प्रखर कवि सं‍त शिरोमणि हैं।
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केदारनाथ। उत्तराखंड के केदारनाथ वन प्रभाग क्षेत्र में स्थित वासुकीताल कुंड ( Neelkamal in Vasuki Tal Kedarnath Uttarakhand Miracle ) से लेकर करीब 3 किमी क्षेत्र में कई सालों बाद नीलकमल के फूल खिले हैं। इस फूल का खिलना एक चमत्कार ही है क्योंकि यह अति ...
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इस वर्ष आश्विन मास का प्रदोष व्रत 17 अक्टूबर 2021, रविवार को रखा जाएगा। रविवार के दिन यह व्रत आने के कारण इसे रवि प्रदोष व्रत कहा जाता है।
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आश्विन मास का दूसरा प्रदोष व्रत 17 अक्टूबर 2021, रविवर को आ रहा है। इस व्रत में पूजन सूर्यास्त के समय करने का महत्व है। यह व्रत करने वाले की स्वास्थ्य से संबंधित परेशानियां दूर होती हैं... यहां प्रस्तुत हैं रवि प्रदोष व्रत की पूजन विधि-
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