द्रौपदी मुर्मू VS यशवंत सिन्हा : सांसदों, विधायकों ने देश के अगले राष्ट्रपति का नाम किया पेटी में बंद

पुनः संशोधित मंगलवार, 19 जुलाई 2022 (00:22 IST)
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नई दिल्ली। राष्ट्रपति चुनाव में सोमवार को इस्तेमाल में लाई गई मतपेटियां आज रात से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने लगीं तथा उनमें से ज्यादातर मंगलवार पूर्वाह्न तक संसद में होंगी।सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए मतपेटियां आमतौर पर विमान से लाई जाती हैं। हर मतपेटी को मिस्टर बैलेट बॉक्स नाम से ई-टिकट जारी किया जाता है।
अधिकारियों ने यह जानकारी दी। दिल्ली विधानसभा तथा कम से कम चार राज्यों की विधानसभाओं से मतपेटियां आज रात ही के स्ट्रांग रूम में पहुंच जाएंगी। के एक अधिकारी ने कहा कि जिन राज्यों की राजधानियों से दिल्ली के लिए तड़के उड़ाने हैं और वहां से मतपेटियां मंगलवार पूर्वाह्न तक आ जाएंगी।

उनके अनुसार जिन राज्यों से सीधी उड़ानें नहीं हैं वहां से मतपेटियां मंगलवार शाम तक पहुंचेंगी। अधिकारी का कहना था कि हिमाचल प्रदेश से मतपेटियां सड़क मार्ग से लाए जाने की संभावना है। सुरक्षा नियमों को ध्यान में रखते हुए मतपेटियां आमतौर पर विमान से लाई जाती हैं।

निर्वाचन आयोग के अनुसार हर मतपेटी को मिस्टर बैलेट बॉक्स नाम से ई-टिकट जारी किया जाता है। निर्वाचित एवं राष्ट्रपति चुनाव में के लिए पात्र होते हैं। इसलिए संसद एवं विधानसभाओं में मतदान होता है।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि सोमवार को 31 स्थानों पर पूर्वाह्न 10 बजे से सायं पांच बजे तक मतदान हुआ, वे स्थान संसद भवन एवं विधानसभाओं के मतदान केंद्र हैं। निर्वाचन आयोग ने गुजरात के अहमदाबाद, कर्नाटक के बेंगलुरु और असम से विमान में मतपेटियां के साथ सवार चुनाव अधिकारियों की तस्वीरें साझा कीं।

पंजाब के 3 विधायक मतदान से रहे अनुपस्थित : पंजाब के तीन विधायक सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव में मतदान करने नहीं पहुंचे। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के विधायक मनप्रीत सिंह अयाली ने पंजाब से जुड़े विभिन्न मुद्दे ‘सुलझाए’ नहीं जाने के कारण मतदान का बहिष्कार किया जबकि कांग्रेस विधायक राज कुमार छब्बेवाल और हरदेव सिंह लाडी ने मतदान में भाग नहीं लिया।

राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू का मुकाबला विपक्षी दलों के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा से है। पंजाब में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) ने पूर्व में घोषणा की थी कि वह चुनाव में सिन्हा का समर्थन करेगी।

माना जाता है कि पंजाब में सबसे अधिक विधायकों ने सिन्हा के पक्ष में मतदान किया होगा क्योंकि 117 सदस्यीय विधानसभा में ‘आप’ और कांग्रेस के क्रमश: 92 और 18 विधायक हैं। वहीं शिअद के तीन और बहुजन समाज पार्टी का एक विधायक है।

पड़ोसी हरियाणा में चुनाव के लिए सहायक निर्वाचन अधिकारी आरके नंदल ने बताया कि राज्य में 88 विधायकों ने मतदान किया। पिछले महीने राज्यसभा चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने वाले हरियाणा के कांग्रेस विधायक कुलदीप बिश्नोई ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति चुनाव में भी अपने विवेक के हिसाब से मतदान किया।

सिन्हा के बजाय मुर्मू का समर्थन करने का संकेत देते हुए बिश्नोई ने कहा, राज्यसभा चुनाव की तरह ही मैंने इस चुनाव में भी अपने विवेक के हिसाब से मतदान किया है। बिश्नोई ने दिल्ली में मतदान किया। हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में प्रत्येक विधायक के वोट का मूल्य 112 है। हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के 40 विधायक हैं जबकि कांग्रेस के 31 विधायक हैं।(एजेंसियां)



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