5 ऐसी किताबें जो हर युवा को पढ़ना चाहिए

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अनिरुद्ध जोशी| Last Updated: गुरुवार, 18 नवंबर 2021 (14:43 IST)
वर्तमान युग में युवा अपने के बारे में ज्यादा ध्यान देते हैं। कोर्स की किताबों को पढ़ते-पढ़ते वे थोड़ी बहुत सभी विषयों की जानकारी ले लेते होंगे लेकिन अधिकतर का सामान्य ज्ञान शून्य होता है। हो सकता है कि उन्हें, दवा, दारू, व्यापार, तकनीक, विज्ञान, सरकारी योजना, यात्रा, मनोरंजन, बॉलीवुड, शॉपिंगमाल आदि की जानकारी हो लेकिन इसके अलावा भी जानकारी होना जरूरी है जो हमें एक सही इंसान बनाती है। आओ जानते हैं उन पांच किताबों के बारे में जिन्हें हर युवा को पढ़ना चाहिए।


एक विश्‍व प्रसिद्ध पत्रकार वाल्टर क्रोंकाइट (Walter Cronkite) ने कहा है, 'लाइब्रेरी कायम करना और कायम रखना चाहे जितना खर्चीला हो ये उस कीमत से कहीं कम है जो किसी देश को अज्ञानी होने पर चुकानी होती है।


1. ( Glimpses of a golden childhood ) : यह किताब हर पिता को पढ़ना चाहिए। इसमें ओशो ने अपने बचपन के दिनों और बच्चे की मानसिकता को बहुत ही सुंदर तरीके से कहा है। इस किताब में उन्होंने अपने बचपन के अलावा बीच-बीच में धर्म, इतिहास और राजनीति की ऐसी बातों का भी जिक्र किया है जिसे कम ही लोग जानते होंगे। वैसे ओशो की लाइट ऑन द पाथ, अल्फा दी ओमेगा और बियॉन्ड साइकोलॉजी भी बहुत ही पठनीय है।

2. (The 7 Habits of Highly Effective People) : लेखक स्टेफन कोवे की यह किताब हिन्दी में प्रभावशाली लोगों की 7 आदतें नाम से उपलब्ध है। इस किताब में 7 ऐसी आदतों का जिक्र किया गया है, जो आपको हर क्षेत्र में आगे बढ़ने में मदद करती है।
3. भारतीय इतिहास के आलोक स्तंभ : इतिहासकार भगवतशरण उपाध्याय की सभी किताबें पढ़ने लायक है। एक युवा को भारत और विश्व के इतिहास की सही जानकारी होना जरूरी। उनकी अन्य किताबों में बृहत्तर भारत, प्राचीन यात्री, ख़ून के छींटे इतिहास के पन्नों पर और द एंशेण्ट वर्ल्ड भी पढ़ने लायक है। इसी तरह रामशरण शर्मा, राहुल सांस्कृताय, भगवान सिंह और कामू की किताबें पढ़ने से इहितास की संपूर्ण जानकारी हो जाती है।

4. ( The ) : पाओलो कोएलो की यह एक मुसाफिर की कहानी है। सफर की परेशानियों को यह चित्रत करती है और जीवन के महत्व और संभावनाओं को दर्शाती है। इसे मिलती जुलती किताब रॉबिन शर्मा की है जिसमें एक सन्यासी जो अपनी संपत्ति बेचकर निकल पड़ता है अपने सपनों को पूरा करने और भाग्य का निर्माण करने के लिए।

5. ( ) : हेनरी डेविड थोरो एक उन्नीसवीं शताब्दी के अमेरिकी ट्रांससींडेंटलिस्ट थे जो अपने निबंध "सिविल असहयोग" और उनके बाद के उपन्यास वाल्डेन के लिए जाने जाते थे। इनकी किताब 'वाल्डेन' बहुत ही अद्भत है। गांधीजी ने उनसे ही प्रेरित होकर भारत में सविनय अवज्ञा आंदोलन चलाया था।
इसके अलावा विट्गेंश्टाइन की फिलॉसफी इन्वेस्टिगेशन, लेखिका रॉन्डा बर्न की किताब द सीक्रेट 'लॉ ऑफ अट्रैक्शन', परमहंस योगानंद की योगी कथामृत, जे. कृष्ण मुर्ति की एट दि फीट ऑफ दि मास्‍टर, यूजी कृष्ण मूर्ति की 'विचार हमारा शत्रु' आदि कई किताबें हैं जो आज के युवा को पढ़ना चाहिए।



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