राखी पर इन 4 चीजों से रखें 2 गज की दूरी, सेहत के लिए है जरूरी

राखी पर बहुत सारी मिठाईयां आती है कुछ -कुछ बहुत अच्‍छी भी दिखती है। कई बार मन पर कंट्रोल नहीं होता है और जल्‍दी से खा लेते हैं। लेकिन मिलावट इस कदर हावी हो गई है कि असली और नकली की पहचान करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में राखी और अन्‍य त्‍योहारों पर कुछ बातों का ध्‍यान जरूर रखना चाहिए। ताकि सेहत को कुछ नहीं हो। तो आइए जानते हैं राखी पर किन चीजों से 2 गज दूरी बनाकर रखना है -


1. मिठाई -
राखी पर मिठाईयों की खूब डिमांड होती है। अन्‍य त्‍योहार के मुकाबले राखी से जन्‍माष्‍टमी तक हर दुकान पर मिठाई उपलब्‍ध होती है। लेकिन वह मिठाई कैसी है, कब बनाई गई है। कोई नहीं जानता। वहीं दूसरी ओर मिठाईयों को सुंदर दिखाने और खुशबूदार बनाने के लिए उसमें ढेर सारा एसेंस मिक्‍स किया जाता है। ताकि वह स्वादिष्ट लगे। आर्टिफिशियल एसेंस और रंग डालने से कई जानलेवा बीमारी भी हो सकती है। साथ ही किसी भी प्रकार के साइड इफेक्‍ट भी हो सकते हैं। इसलिए त्‍योहार पर घर की मिठाई ज्‍यादा बेहतर और स्वादिष्ट होती है।

2.मावा - मावा की मिठाई सभी जगह आसानी से उपलब्‍ध हो जाती है। लेकिन त्‍योहार के दौरान इसका सेवन करने से बचना चाहिए। क्योंकि मावे में कई तरह की चीजों को मिक्‍स कर नकली मावा भी बनाया जाता है। नकली मावा बनाने के लिए कास्टिक सोडा, सफेद कलर का प्रयोग किया जाता है। जिसका सेवन करने या मिठाई खाने से पेट से संबंधित परेशानी हो सकती है। इतना ही नहीं आपका पाचन तंत्र भी बिगड़ सकता है।

3. नमकीन - आज के वक्‍त में मिलावट इस कदर जारी है नकली और असली में अंतर करना मुश्किल हो गया है। इसलिए कोशिश करें राखी या अन्‍य त्‍योहार के दिन बाजार के नमकीन की बजाय घर पर बना नमकीन ही खाएं। नकली तेल में बने आयटम का असर दिल पर पड़ता है, तो गले खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। इतना ही नहीं गंभीर बीमारियां भी आपको जकड़ सकती है। इसलिए कोशिश करें राखी के दिन या अन्‍य त्‍योहार पर घर पर बना नमकीन ही खाएं।
4.नकली घी - नकली घी की पहचान दिखने से तो नहीं होती है लेकिन उसकी खुशबू से जरूर हो जाती है। वहीं अगर आप नकली घी से मिठाई खाएंगे तो वह आपके गले में चिपक जाएगी। अक्‍सर आपने देखा होगा कि बाजार में उपलब्‍ध लड्डू खाते हैं तो वह ऊपर तलवे में चिपक जाते हैं। ऐसा इसलिए होता है क्‍योंकि वह नकली घी से बने होते हैं। नकली घी का सेहत पर बुरा असर पड़ता है। साथ ही हार्ट के मरीजों को बचकर रहना चाहिए।





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