कहीं आपने नकली N95 मास्क तो नहीं खरीद लिया? ऐसे करें असली की पहचान

एक बार फिर से सख्ती से मास्‍क लगाने का दौर आ गया है। कोरोना से बचाव का सबसे बड़ा हथियार मास्‍क और

वैक्सीनेशन है। नियमों के मुताबिक संक्रमण से बचाव के लिए एन 95 मास्‍क लगाने की सलाह दी जा रही है। लेकिन बाजार में उपलब्ध एन95
मास्क नकली भी मिल रहे हैं ऐसे में उनकी पहचान करना बहुत जरूरी है तो आइए जानते हैं कैसे पहचान करें आपका मास्‍क असली है या नकली...

1.चश्मे से करें मास्‍क की पहचान

FDA के अनुसार इसके किनारे चेहरे और मुंह के चारों तरफ सील रहती है। मास्‍क चेक करने के लिए चश्मा पहनकर सांस लें। अगर आपकामास्‍क लगाने के बाद चश्मे पर धुंध छा जाती है मतलब हवा पास होने की जगह है। यानी आपका मास्‍क नकली हो सकता है। या फिर उसे एक
बार फिर से ठीक से लगाएं।

2.मास्‍क का विवरण चेक करें - जी हां, बाजार में अलग-अलग तरह के मास्क उपलब्ध है। चाइनीज और कोरियन वर्जन भी है। ऐसे में ऑनलानइ

मास्‍क ले रहे हैं तो एन 95 मास्‍क के ब्रांड का नाम सीडीसी इंडेक्‍स पर चेक कर सकते हैं। इससे यह पता चल जाएगा कि NIOSH (National Institute for Occupational Safety and Health certification) ने

अप्रूव किया या नहीं। कई कंपनियां प्रोडक्ट पर चेक करने का तरीका भी बताती है।

3. मास्‍क रिव्‍यू - जी हां, मास्‍क पर आपको NIOSH का प्रिंट भी दिखेगा। साथ ही टेस्टिंग और सर्टिफिकेशन कोड भी लिखा होता है। जिसमें
नीचे terms and conditions के बाद नंबर्स दिखेंगे। फिल्टर के क्लास के हिसाब से N, P या R हो सकता है। यानी
95,99 या 100। यह नंबर इफिशिएंसी बताएंगे।

एन 95 मास्‍क रोकता है वायरस की एंट्री

कोरोना वायरस नाक या मुंह के तहत गले में पहुंचता है। और धीरे-धीरे यह फेफड़ों पर आक्रमण करने लगता है। वायरस को शरीर में पहुंचने से
रोकने के लिए एन 95 मास्‍क की सलाह दी जा रही है। यूएस फूड ऐंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन के मुताबिक, एन95 रेस्पिरेटर्स इस तरह से बना
होता है कि इससे कोई एयरबोर्न पार्टिकल्स अंदर न जा पाएं। यह चेहरे पर बहुत चिपककर फिट होता है।



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