High BP के मरीज के लिए जहर के समान हैं ये 5 चीजें

Last Updated: शनिवार, 23 अक्टूबर 2021 (17:40 IST)

बदलती लाइफस्टाइल के दौर में कम उम्र में ही युवा भी का शिकार होने लगे हैं। इसे हाइपर टेंशन भी कहा जाता है। समय रहते इसे कंट्रोल करना जरूरी होता है। अन्यथा अन्य गंभीर बीमारी भी घेरने लगती है। किसी भी आयु वर्ग इस बीमारी की चपेट में आते हैं तो सबसे पहले खाने पर कंट्रोल किया जाता है। तनाव और आहार हाई बीपी का सबसे बड़ा कारण होते हैं। ब्रिटिश जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन के अनुसार, हृदय से जुड़ी समस्याओं और मृत्यु दर को कम करने के लिए ब्लड प्रेशर को बढ़ने से रोकना बेहद जरूरी है। इसके लिए खाने पर कंट्रोल करना जरूरी होता है। आइए जानते हैं 5 चीजें जो आपका बीपी कर सकते हैं हाई

नमक - नमक में सोडियम की मात्रा अधिक होने पर शरीर पर उल्टा प्रभाव पड़ सकता है। WHO के मुताबिक हाई बीपी होने पर दिनभर में सिर्फ 5 ग्राम नमक का सेवन करना

चाहिए। अधिक नमक खाने से दिल का दौरा पड़ने की संभावना बढ़ जाती है। किडनी पर असर पड़ता है। हालांकि सबसे ज्यादा हार्ट पर असर पड़ता है। सफेद नमक की जगह सेंधा
नमक का सेवन किया जा सकता है। इससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है।


ब्रेड - ब्रेड का सेवन करते हैं तो नहीं करें। इससे आपकी परेशानी बढ़ सकती है। यह मैदे से बनी होती है साथ ही इसमें शुगर की मात्रा भी होती अधिक होती है। जिससे आपके वजन पर असर पड़ेगा। बता दें कि हाई बीपी होने पर वजन को कंट्रोल करना बहुत जरूरी है। डॉक्टर सबसे पहले हाई बीपी को कम करने की सलाह देते हैं।

कॉफी - अधिक रक्तचाप मरीजों के लिए कॉफी पीने से बीपी और अधिक बढ़ जाता है। कैफीन और चीनी के अधिक सेवन से बीपी तेजी से बढ़ता है। इसलिए बीपी को कंट्रोल करने के
लिए तुरंत इनका सेवन बंद कर दें।


पीनट बटर - जब तक आपको बीपी की समस्या नहीं है आपके लिए पीनट बटर का सेवन करना अच्छा है। लेकिन बीपी की समस्या होने पर इसका सेवन नहीं करें। इसमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके बदले आप सीमित मात्रा में इसका सेवन कर सकते हैं। हालांकि बीपी के मरीज होने पर डॉक्टर की सलाह से ही खान-पान शुरू करना चाहिए। बता दें
कि बीपी की बीमारी होने पर लाइफस्‍टाइल पूरी तरह से बदल जाती है।


प्रोसेस्‍ड फूड - हाई बीपी के मरीज होने पर भूलकर भी कुकीज, डोनट्स, केक या पेस्ट्री का सेवन नहीं करना चाहिए। दरअसल इन चीजों में मौजूद ट्रांस फैट से बेड कोलेस्ट्रॉल बढ़ जाता है और गुड कोलेस्ट्रॉल कम हो जाता है।



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