भारत के अलावा इन 7 देशों में 50 फीसदी से अधिक है महिलाओं की संख्या

Last Updated: गुरुवार, 25 नवंबर 2021 (12:56 IST)

नेशनल फैमिली एंड हेल्थ सर्वे के मुताबिक देश में पुरूषों के मुकाबले अब महिलाओं की संख्या ज्यादा हो गई है। NFHS 2021 के ताजा सर्वे में 1000 पुरुषों पर 1020 महिलाएं हैं। साल 2005-2006 में हुए सर्वे में NFHS सर्वे में महिला और पुरुष का आंकड़ा 1000-1000 था। 2015-2016 में हुए चौथे सर्वे में 1000 पुरुषों पर 991 महिलाएं थीं।



जानिए कौन-से राज्य में कितनी है प्रजनन दर...


केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय परिवार और स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े जारी किए गए है। देश में कुल प्रजनन दर करीब 2 हो गई है।पहले यह 2.2 थी। इसका मतलब अब बच्‍चों को जन्‍म देने की संख्या 2 के करीब हो गई है। साल 2016 में प्रजनन दर 2.2 था। आइए जानते किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सर्वेक्षण में शामिल किया गया है। अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, हरियाणा, झारखंड, मध्य प्रदेश, दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र, ओडिशा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड शामिल हैं।

मप्र, राजस्थान, झारखंड, और उत्तर प्रदेश को छोड़कर सभी राज्य दूसरे में प्रजनन दर 2.1 तक पहुंच गए। बिहार में 3.0, उत्तर प्रदेश में 2.4 और झारखंड में 2.3 है प्रजनन दर।

कश्‍मीर में सबसे अधिक गिरावट

अगर बड़े राज्यों की बात की जाएं तो कश्‍मीर में प्रजनन दर में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई है। जी हां, जम्मू-कश्‍मीर में 1.4 गिरावट देखी गई। 2015-16 में इस राज्‍य में सर्वे के दौरान 0.6 की गिरावट दर्ज की गई थी।


इन राज्यों में बड़ी प्रजनन दर

जी हां, दो राज्‍य ऐसे है जहां प्रजनन दर में मामूली सी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वह है केरल और तमिलनाडु में 1.8 प्रजनन दर में बढ़ोतरी हुई। वहीं पंजाब में दर सामान्य दर बनी हुई है।

किस देश में पुरुषों से महिलाओं की संख्या अधिक है

1. एस्टोनिया - एस्टोनिया, आधिकारिक तौर पर एस्टोनिया गणतंत्र उत्तरी यूरोप के बाल्टिक क्षेत्र में स्थित एक देश है। एक हजार से ज्यादा झीलें और 7 हजार नदियों वाले इस शहर में महिलाओं की पुरूषों से अधिक संख्‍या हैं।

2. रूस - रूस पूर्वी यूरोप और उत्तर एशिया में स्थित एक विशाल आकार वाला देश। यह विश्व का सबसे बड़ा देश है। शक्तिशाली देश में पुरुषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या अधिक है। रूस में महिलाओं की आबादी 53.50 फीसदी है।

3. अरूबा- इस खूबसूरत देश में महिलाओं की जनसंख्या पुरुषों की आबादी के हिसाब से ज्यादा है। यहां पर 52.50% जनसंख्या महिलाओं की है।

4. हांगकांग -
हॉन्ग कॉन्ग विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है इसके उत्तर में गुआंग्डोंग और पूर्व, पश्चिम और दक्षिण में दक्षिण चीन सागर मौजूद है। हांगकांग जैसे खूबसूरत शहर में भी इस मामले में किसी से पीछे नहीं है। यहां पर भी महिलाओं की आबादी 53.10% तक है, जो पुरुषों से ज्यादा है।

5. पुर्तगाल
-
इस शहर में भी आपको पुरूषों से ज्यादा महिलाएं देखने को मिलेगी। क्योंकि इस शहर में पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की आबादी ज्यादा है।

6. बेलारूस -बेलारूस में घूमने के लिए बेहतरीन टूरिस्ट प्लेस है। लेकिन क्या आप जानते हैं यहां पर महिलाओं की आबादी 53.50% तक है, जो पुरुषों से अधिक है।

7. यूक्रेन -युक्रेन पूर्वी यूरोप में स्थित एक देश है। इसकी सीमा पूर्व में रूस, उत्तर में बेलारूस पश्चिम में हंगरी, दक्षिण पश्चिम में रोमानिया और मोल्दोवा
और दक्षिण में काला सागर और अजोव सागर से मिलती है। यूक्रेन में भी पुरूषों के मुकाबले महिलाओं की संख्या 53.70% तक है।

दुनिया के ये 3 देश घटती आबादी से जूझ रहे हैं -

- जापान - लैंसेट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक जापान में बुजुर्ग लोगों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसलिए वहां काम करने वालों की संख्या
लगातार कम होती जा रही है। जापान दुनिया का सबसे बुजुर्ग देश है। रिपोर्ट के मुताबिक 2040 तक जापान में बुजुर्ग की आबादी की संख्या
35 फीसदी तक हो जाएगी। किसी भी देश में मौजूदा जनसंख्या को बरकरार रखने के लिए प्रजनन दर 2.1 होना चाहिए। जापान में यह दर 1.4 है।

- इटली - इटली के बारे में ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि करीब 2100 तक आबादी आधी से कम रह जाएगी। जापान की तरह ही इटलीमें भी बुजुर्गों की संख्या अधिक है। लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक साल 2019 में विश्व बैंक के आंकड़ों के मुताबिक इटली में 23 फीसदी
जनसंख्या 65 साल से अधिक उम्र के हैं। आबादी को इटली में रोकने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया जा रहा है। रहने के लिए सस्ते दामों पर घर दिया जा रहा, नई योजनाएं शुरू की जा रही है, अर्थव्यवस्था में तेजी से बदलाव लाया जा रहा है।

- चीन - वह देश जहां जनसंख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही थी। प्रजनन दर को कम करने के लिए 1979 में एक बच्चे की योजना शुरू की। बढ़ती आबादी का असर अर्थव्यवस्था पर दिख रहा था। इसके लिए वन चाइल्ड की योजना शुरू की। लगातार बढ़ती आबाद पर रोक लगाने के बाद 2015 में चीन एक बच्चे की नीति बंद करके दो बच्चे की नीति शुरू की गई। हालांकि देश मेंबुजुर्गों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। जिस
पर लगाम लगाने में बहुत हद तक सफल नहीं हुए।





और भी पढ़ें :