महाशिवरात्रि फलाहार : लौकी की बरफी और लौकी का हलवा, नोट कर लें फटाफट रेसिपी

ki Barfi  
 
अगर आप भी महाशिवरात्रि का व्रत-उपवास रखने का सोच रहे हैं तो फलाहार के लिए ट्राय करें ये 2 खास रेसिपीज। जिसमें लौकी या घिया (दूधी) का उपयोग करके बनाए यह खास 2 मीठे व्यंजन। यह व्रत-उपवास में बहुत फायदेमंद है। पढ़े आसान विधियां... 
 
लौकी की बरफी-Lauki ki Barfi
 
सामग्री : 250 ग्राम ताजी लौकी, 150 ग्राम नारियल का बूरा, 200 ग्राम खोया, 300 ग्राम शकर, घी आवश्यकतानुसार, 100 ग्राम मेवा कतरन।
 
विधि : पहले लौकी (Lauki) को कद्दूकस करके रख लें। अब कढ़ाई घी डालकर गरम करें और किसी हुई लौकी डालकर 10 मिनट तक भूनें, ताकि उसका थोड़ा पानी सूख जाए। अब इसमें खोया डालकर थोड़ी देर अच्छी तरह चलाएं और शकर डालकर पकाएं। जब मिश्रण गाढ़ा होने लगे या जमने लायक हो जाए तो उसमें नारियल का बूरा डाल दें। अब एक थाली में घी का हाथ घुमा कर ऊपर से लौकी का तैयार मिश्रण और ड्रायफ्रूट्स की कतरन डालें और थाली को हिलाते हुए मिश्रण को पूरी थाली में अच्छीतरह एक जैसा फैला दें।> > ठंडा होने पर अपने मनपसंद के साइज में बरफी काट लें। लीजिए आपके लिए तैयार है लाजवाब लौकी की बरफी। महाशिवरात्रि के पर्व पर भोलेनाथ को प्रसाद चढ़ाकर खुद भी खाएं और परिवार वालों को भी खिलाएं।

 
लौकी की हलवा-Lauki Halwa
 
सामग्री : 500 ग्राम लौकी/दूधी (कद्दूकस की हुई), 150 ग्राम शकर, 50 ग्राम खोया, 1/2 कटोरी मेवा कतरन, 2 बड़े चम्मच घी, 1/2 चम्मच इलायची पाउडर। 
 
विधि : लौकी का हलवा बनाना बहुत आसान है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले एक कड़ाही में घी गरम करके कद्दूकस की हुई लौकी (bottle gourd) को हल्का-हल्का भून लें और अलग रख दें। अब कड़ाही में थोड़ा-सा पानी डालें, साथ में शकर भी डालें और गर्म करने के लिए चढ़ा दें। जब शकर पूरी तरह पिघल जाए, तब इसमें लौकी डालकर चलाएं।
जब पानी बिल्कुल न रहे और चाशनी बनने लगे, तब इसमें मावा डालें। साथ में इलायची पाउडर डालें और अच्छी तरह चलाएं। ऊपर से मेवे की कतरन डालें और गरमा-गरम लौकी का हलवा (Recipe) फलाहार में उपयोग में लाएं। उपवास के दिनों में लौकी का हलवा खाना बहुत फायदेमंद है। 

Lauki Halwa




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