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बैकुंठ एकादशी की 10 विशेषताएं, 10 लाभ और 10 विष्णु मंत्र

गुरुवार,जनवरी 13, 2022
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गुरुवार, 13 जनवरी 2022 को पौष मास की पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi) मनाई जाएगी। हिन्दू धर्म के अनुसार प्रतिवर्ष पौष मास (Paush Month) के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2022) के नाम से जाना जाता है।
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नववर्ष 2022 में पौष मास की पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi) गुरुवार, 13 जनवरी 2022 को मनाई जाएगी। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार हर साल पौष माह (Pause Month) के शुक्ल पक्ष में आने वाली एकादशी को पुत्रदा एकादशी (Putrada Ekadashi 2022) के नाम से जाना जाता ...
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13 जनवरी 2022 को पुत्रदा एकादशी व्रत है, आइए जानें इस दिन किस कथा के सुनने से मनोवांछित संतान की प्राप्ति होती है। इस व्रत के पुण्य प्रभाव से व्यक्ति तपस्वी तथा विद्वान होता है, उत्तम संतान पाकर अपार धन-संपत्ति का मालिक बनता है।
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आज इस साल की अंतिम एकादशी यानी सफला एकादशी (Saphala Ekadashi 2021) है। यह एकादशी श्री विष्णु जी को अतिप्रिय है। यह एकादशी अपने नाम की तरह ही जीवन को सफल बनाने वाली मानी गई है। यहां पढ़ें आज क्या करें, क्या न करें...
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30 दिसंबर 2021 को साल की आखिरी एकादशी है। सफला एकादशी व्रत (Saphala Ekadashi 2021) पौष कृष्ण एकादशी के दिन रखा जाता है। यह व्रत आयु, स्वास्थ्य, सफलता, संपन्नता तथा यह संतान, व्यापार में लाभ आदि देने वाला माना गया है। यहां पढ़ें एकादशी से संबंधित ...
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सफला एकादशी 30 दिसंबर 2021 को है...जानिए इस व्रत को करने के 26 अद्भुत फायदे
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Saphala Ekadashi Date सफला एकादशी व्रत के करने के 26 फायदे हैं- व्यक्ति निरोगी रहता है, राक्षस, भूत-पिशाच आदि योनि से छुटकारा मिलता है, पापों का नाश होता है, संकटों से मुक्ति मिलती है, सर्वकार्य सिद्ध होते हैं, सौभाग्य प्राप्त होता है, मोक्ष मिलता ...
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पौष मास की कृष्ण पक्ष की एकादशी को सफला एकादशी कहते हैं। इस बार यह एकादशी अंग्रैजी कैलेंडर के अनुसार 29 दिसंबर, 2021 को शाम के 4 बजकर 12 मिनट पर प्रारंभ होकर अगले दिन 30 दिसंबर को 01 बजकर 40 मिनट पर समाप्त होगी। इसीलिए अधिकतर लोग 30 दिसंबर गुरुवार ...
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पौष मास की कृष्ण पक्ष एकादशी का नाम सफला एकादशी (Saphala Ekadashi) है। इस एकादशी के देवता श्री नारायण हैं। इस बार यह एकादशी 30 दिसंबर 2021, गुरुवार को मनाई जा रही है। इस भूल कर भी चावल का सेवन नहीं करना चाहिए
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सफला एकादशी (Saphala Ekadashi 2021) इस साल की अंतिम एकादशी है। अपने नाम की तरह ही हर कार्य में सफल बनाने वाली यह एकादशी मानी गई है। जानिए 11 खास बातें...
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वर्ष 2021 के आखिरी गुरुवार (Thursday) यानी 30 दिसंबर को सफला एकादशी व्रत (Saphala Ekadashi 2021) किया जा रहा है। इस एकादशी का बहुत महत्व माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन खास संयोग निर्मित हो रहा है। 30 दिसंबर को दरअसल सफला एकादशी और गुरुवार का विशेष ...
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Ekadashi Vrat 2022 List पौराणिक शास्त्रों में एकादशी व्रत का बहुत माना गया है। इस दिन नारायण श्री विष्णु (Shri Vishnu) का पूजन किया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिमाह की ग्यारहवीं तिथि को एकादशी या ग्यारस कहते हैं।
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हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष के कृष्णपक्ष में उत्पन्ना एवं शुक्‍लपक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। गीता जयंती प्रत्‍येक वर्ष मार्गशीर्ष मास के शुक्‍लपक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इस साल गीता जयंती की 5158वीं वर्षगांठ मनाई जा रही ...
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आज मोक्षदा एकादशी (Mokshada Ekadashi 2021) मनाई जा रही है। इस एकादशी तिथि के स्वामी श्री विष्णु है, इनके पूजन से यह एकादशी पुण्यफल देती है।
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मार्गशीर्ष शुक्ल ग्यारस के दिन 14 दिसंबर 2021, मंगलवार को मोक्षदा एकादशी Mokshada Ekadashi और गीता जयंती (Geeta Jayanti 2021) मनाई जा रही है। यहां पढ़ें पूजन के शुभ मुहूर्त, विधि, आरती, मंत्र, सभी सामग्री एक स्थान पर...
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इस वर्ष मोक्षदा एकादशी 14 दिसंबर को है। मोक्षदा एकादशी व्रत के प्रभाव से पूर्वजों को मोक्ष की प्राप्ति होती है। कई जन्मों के पापों का नाश होता है और शुभ फल की प्रप्ति होती है।
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इस बार मंगलवार, 14 दिसंबर 2021 को मोक्षदा एकादशी (Mokshada ekadashi) है। यह एकादशी मार्गशीर्ष शुक्ल ग्यारस के दिन मोक्षदायिनी एकादशी के रूप में मनाई जाती है।
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Mokshada Ekadash: मोक्षदा एकादशी का मतलब मोक्ष देने वाला एकदशी। हिन्दू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष के कृष्ण पक्ष में उत्पन्ना एवं शुक्‍ल पक्ष में मोक्षदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस बार 14 दिसंबर मंगलवार को है मोक्षदा ...
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अगर प्रतिदिन कोई मंत्र न पढ़ सकें तो कम से कम किसी खास अवसर पर या जैसे एकादशी या गुरुवार के दिन भगवान विष्णु का स्मरण कर 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करना
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