जया एकादशी पर शनि पूजन के मिलेंगे 10 लाभ, 5 राशियों पर है शनि भारी

Shani Stotram
पुनः संशोधित शनिवार, 12 फ़रवरी 2022 (11:26 IST)
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12 फरवरी 2022 शनिवार को माघ माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को जया और भीष्म एकादशी कहते हैं। इस बार यह एकादशी शनिवार को है इसलिए इस दिन शनि पूजा का भी महत्व है। शनि पूजा से मिलेंगे 10 लाभ। इस समय 5 राशियों पर शनि भारी है।



5 राशियों पर है शनि भारी : इस वर्ष मिथुन, वृश्चिक, मकर, कुंभ और मीन शनी इस वर्ष भारी है।

शनि पूजा के 10 लाभ :

1. शनि पूजा से शनि की साढेसाती और ढैय्या का असर नहीं होता है।

2. शनि पूजा से कालसर्प दोष से भी मुक्ति मिलती है।
3. शनि पूजा से पितृदोष का भी निवारण होता है।

4. शनि पूजा से कुंडली में स्थित नीच के शनि के बुरे प्रभाव से मुक्ति मिलती है।

5. शनि पूजा से किसी भी प्रकार का कोई रोग है तो उससे छुटकारा मिलता है। अगर आप असाध्य रोग कैंसर, एड्स, कुष्ठरोग, किडनी, लकवा, साइटिका, हृदयरोग, मधुमेह, खाज-खुजली जैसे त्वचा रोग से त्रस्त तथा पीड़ित हो तो आप श्री शनिदेव का पूजन-अभिषेक अवश्य कीजिए।
6. शनि पूजा से कर्ज से मुक्ति मिलती है और व्यक्ति धनवान बन जाता है।

7. शनि पूजा से व्यापार में लाभ मिलता है। यदि आप कारखाना, लोहे से संबद्ध उद्योग, ट्रेवल, ट्रक, ट्रांसपोर्ट, तेल, पे‍ट्रोलियम, मेडिकल, प्रेस, कोर्ट-कचहरी से संबंधित हो तो आपको शनिदेव की पूजा करना चाहिए। यदि आपका पेशा वाणिज्य, कारोबार है और उसमें क्षति, घाटा, परेशानियां आ रही हों तो शनि की पूजा करें।
8. शनि पूजा से नौकरी में उन्नति और पदोन्नति मिलती है। बेरोजगर हैं तो नौकरी मिलती है क्योंकि शनि कर्मभाव का स्वामी होता है।

9. शनि पूजा से राहु और केतु के दोष मिट जाते हैं और जीवन में अचानक आने वाले हादसे, घटना और दुर्घटना नहीं होते हैं।

10. शनि पूजा से अगले पिछले सभी तरह के पापों का नाश होता है और व्यक्ति को मोक्ष की प्राप्ति होती है।



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