ग्लैमरस करियर : फैशन डिजाइनिंग

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फैशन डिजाइनिंग व्यावहारिक कला का एक रूप है जो हमारे कपड़ों, एसेसरीज और जीवनशैली में निखार लाती है। फैशन डिजाइनिंग में कपड़ों से लेकर ज्वैलरी तथा पर्स से लेकर शूज तक सभी चीजें आती हैं।

डिजाइनर अपने ग्राहक वर्ग की रुचि और जरूरत को समझकर अपने डिजाइन को मौसम और ट्रेंड के मुताबिक मार्केट में उतारता है। आज फैशन जगत में डिजाइनरों की बहुत माँग है। फैशन डिजाइनिंग में क्रिएटीविटी की माँग होती है।

फैशन का मतलब केवल नए डिजाइन किए हुए कपड़े नहीं बल्कि उसे पहनने के सलीके से लेकर उसमें लगने वाली एसेसरीज आदि भी फैशन डिजाइनिंग क्षेत्र में आती है। फैशन डिजाइनिंग वर्तमान समय में सबसे ज्यादा ग्लैमर प्रोफेशनल है इसलिए फैशन डिजाइनिंग में अच्छा के अवसर हैं।

एक प्रशिक्षित फैशन डिजाइनर इस इंडस्ट्री के विभिन्न क्षेत्रों में जैसे डिजाइन वियर प्रोडक्शन, फैशन मार्केटिंग, क्वालिटी कंट्रोल आदि में कार्य कर सकता है। इसके अतिरिक्त कॉस्टयूम डिजाइनर, पर्सनल स्टाइलिस्ट, फैशन को-ऑर्डिनेटर, फैब्रिक बायर के क्षेत्रों में भी कार्य किया जा सकता है।

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यह कोर्स कर अपना खुद का बिजनेस भी शुरू किया जा सकता है जैसे फैशन शो ऑर्गेनाइजर, गारमेंट स्टोर चेन, बुटीक, ज्वैलरी हाउस आदि।

कम्युनिकेशन अच्छा होना चाहिए
गत दस वर्षों में इस क्षेत्र में काफी बदलाव आए हैं। मुंबई और दिल्ली में सालाना फैशन वीक होने लगे हैं और इसमें नामी-गिरामी फैशन डिजाइनरों के अलावा नवोदित फैशन डिजाइनरों को भी अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का मौका दिया जाता है। इस क्षेत्र में आपको कलात्मक होना जरूरी है।

साथ ही आपको लगातार नवीन डिजाइन देने के लिए काफी मेहनत व रिसर्च भी करना पड़ता है। अगर आप कोई कंसेप्ट पर कार्य कर रहे हैं तब इस बात का ध्यान रखना पड़ता है कि उसमें प्रयुक्त डिजाइन पहले किसी और डिजाइनर ने तो नहीं बनाया आदि बातों पर भी गौर करना पड़ता है।

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