नो टाइम टू डाय से लेकर डॉक्टर नो तक : जानिए 60 वर्षों में बनीं 25 जेम्स बॉन्ड सीरिज की सभी फिल्मों के बारे में

नो टाइम टू डाय जेम्स बांड सीरिज की 25 वीं फिल्म है। 1962 में बनी डॉक्टर नो से शुरुआत हुई थी। इतने सालों के बाद भी जेम्स बॉन्ड की लोकप्रियता में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है।

11) मूनरेकर (1979)
मूनरेकर बांड सीरिज की ग्यारवी फिल्म थी जिसमें चौथी बार रोजर मूर एमआई6 के एजेंट बने थे। फिल्म में बांड एक स्पेस शटल की चोरी की जांच करता है जिसके दौरान उसकी मुलाकात हुगो ड्रेक्स (शटल बनाने वाली कंपनी के मालिक) से होती है। स्पेस वैज्ञानिक डॉक्टर होली गूडहेड के साथ बांड कैलीफोर्निया से वेनिस, रियो डे जेनेरियो और एमैजेन रैनफोरेस्ट और आखिर में आउटर स्पेस जाकर दुनिया की आबादी खत्म करने की योजना को रोकता है। यह काफी महंगी फिल्म थी और इसे मिक्सड रिव्यू हासिल हुए। फिल्म के दृश्यों की भरपूर तारीफ हुई और फिल्म अब तक की (1979 तक) सभी बांड फिल्मों में सबसे अधिक कमाई करने वाली फिल्म बनी। फिल्म का कुल बिजनेस 210,300,000 डॉलर था।
 
12) फॉर यूअर आइज़ ओनली (1981)
फॉर यूअर आइज़ ओनली बांड सीरिज की बारहवीं फिल्म थी जिसमें रोजर मूर पांचवी बार मुख्य किरदार थे। फिल्म का स्क्रीनप्ले रिचर्ड मैबूम और माइकल जी विल्सन के द्वारा तैयार किया गया था, जिन्होंने फ्लेमिंग की दो छोटी कहानियों को मिलाकर फिल्म की कहानी लिखी थी। फिल्म में बांड एक मिसाइल कमांड सिस्टम का पता लगाने की कोशिश करता है। इस दौरान वह धोखे के जाल में दुश्मन और ग्रीस के बिजनेसमैन द्वारा फंसा दिया जाता है। फिल्म को समीक्षकों के मिक्स रिव्यू मिले परंतु फिल्म एक और सफल बांड फिल्म साबित हुई। बॉक्स ऑफिस कमाई 195.3 मिलियन डॉलर रही।
 
13) ऑक्टोपसी (1983)
ऑक्टोपसी बांड सीरिज की तेरहवीं फिल्म थी जिसमें छठी बार रोजर मूर बांड के रूप में नजर आए। फिल्म का टाइटल फ्लेमिंग के शॉर्ट स्टोरी कलेक्शन ऑक्टोपसी पर आधारित था। फिल्म में बांड सोवियत रशिया के ऐसे जनरल को खोजने जाता है जो जवाहरात और एंटिक आयटम्स की चोरी करता है। इसी दौरान बांड की मुलाकात एक अमीर अफगान प्रिंस कमाल खान और उसके साथी ऑक्टोपसी से होती है। फिल्म में बांड यूरोप में न्यूक्लियर हथियार की मदद से की जाने वाली तख्तापलट की साजिश नाकाम करता है। इस बार फिल्म का निर्माण इयान प्रोडक्शन ने नहीं किया था।
 
14) ए व्यू टू किल (1985)
ए व्यू टू किल बांड सीरिज की चौदहवीं फिल्म है जिसमें रोजर मूर सातवीं और आखिरी बार जेम्स बांड की भूमिका में नजर आए। फिल्म का टाइटल की शॉर्ट स्टोरी 'फ्राम ए व्यू टू किल' पर आधारित था। फिल्म की कहानी पूरी तरह से मौलिक थी। फिल्म में बांड, मैक्स जोरिन को कैलीफोर्निया की सिलिकॉन वैली को खत्म करने से रोकने के मिशन पर निकलता है। हालांकि फिल्म को मिक्स रिव्यू हासिल हुए पर फिल्म का बॉक्स ऑफिस प्रदर्शन बेहतरीन था। इसे गोल्डन ग्लोब में सबसे अच्छे गाने की कैटेगरी में नामांकित किया गया था। फिल्म में क्रिटोफर वाल्केन विलेन के रूप में काफी पसंद किए गए।
 
15) द लिविंग डेलाइट्स (1987)
द लिविंग डेलाइट्स बांड सीरिज की पंद्रहवीं फिल्म थी जिसके साथ टिमोथी डॉल्टन जेम्स बांड के रूप में पर्दे पर नजर आए। फिल्म का टाइटल फ्लेमिंग की शॉर्ट स्टोरी पर आधारित था। इसके बाद फ्लेमिंग की रचनाओं पर आधारित टाइटल सीधे 2006 में प्रदर्शित हुई 'कसीनो रोयाल' का था। फिल्म में बांड सोवियत से निष्कासित जोर्जी कोस्कोव की रक्षा करता है। जोर्जी कोस्कोवे बांड को बताता है कि जनरल पुशकिन, केजीबी का प्रमुख, बड़ी चालाकी से अमेरिकन और ब्रिटिश एजेंटों की हत्या कर रहा है। बांड कोस्कोव का पीछा यूरोप, मोरोक्को और अफगानिस्तान में करता है। फिल्म समीक्षकों द्वारा बहुत पसंद की गई थी। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म का प्रदर्शन बेहतरीन था और इसकी कुल कमाई 191.2 मिलियन डॉलर थी।



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