नो टाइम टू डाय से लेकर डॉक्टर नो तक : जानिए 60 वर्षों में बनीं 25 जेम्स बॉन्ड सीरिज की सभी फिल्मों के बारे में

नो टाइम टू डाय जेम्स बांड सीरिज की 25 वीं फिल्म है। 1962 में बनी डॉक्टर नो से शुरुआत हुई थी। इतने सालों के बाद भी जेम्स बॉन्ड की लोकप्रियता में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है।

एक काल्पनिक ब्रिटिश सीक्रेट सर्विस एजेंट हैं। ब्रिटिश पत्रकार और लेखक ने 1952 में जेम्स बांड का किरदार रचकर उपन्यासों की रचना की। 1964 में फ्लेमिंग की मौत के बाद अन्य लेखकों ने जेम्स बांड के किरदार के कारनामों पर आधारित अन्य उपन्यास लिखे जिन पर अब तक कुल 25 फिल्में बन चुकी हैं।

जेम्स बांड एक लंबा, चुस्त, खूबसूरत और चतुर सीक्रेट एजेंट है। उम्र तीस से चालीस के बीच। उसे कुछ बुरी आदतें भी हैं, जैसे शराब पीना, स्मोकिंग, जुआ खेलना। महिलाओं में खास रूचि है। जेम्स बांड नई तकनीक का भरपूर उपयोग करता है और ऑटोमोबाइल में एडवांस गाड़ियां उसका शौक हैं।

जेम्स बांड शार्प शूटर और गजब का निशानेबाज है। बिना हथियार के भी वह दुश्मन पर भारी पड़ता है और गजब की फाइटिंग करता है। स्कींग, स्वीमिंग और गोल्फ उसके अन्य शौक है। बांड को हत्या करने में कोई झिझक नहीं है, लेकिन वह तभी लोगों को मारता है जब उसे ऐसे ऑर्डर दिए जाएं या खुद की सुरक्षा करनी हो या बदला लेना हो। बात करते हैं जेम्स बांड पर आधारित 25 फिल्मों की।

1) डॉक्टर नो (1962)
जेम्स बांड को लेकर सबसे पहली फिल्म साल 1962 में बनी थी। इयान प्रोडक्शन के तले बनी इस फिल्म का नाम 'डॉक्टर नो' था। डॉक्टर नो एक ब्रिटिश जासूसी फिल्म थी जिसमें शॉन कॉनरी की मुख्य भूमिका थी। यह पहली जेम्स बांड फिल्म थी जो इयान फ्लेमिंग के पहले इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी। इस फिल्म में बांड को उसके साथी एजेंट के गायब जाने की जांच करने के लिए जमैका भेजा जाता है। अपने साथी की खोज में गया बांड, डॉक्टर नो के अंडरग्राउंड अड्डे पर पहुंच जाता है। डॉक्टर नो अमेरिका के एक स्पेस प्रोग्राम को रेडियो बीम हथियार से बर्बाद करने की योजना बना रहा है। जहां फिल्म की रिलीज के बाद समीक्षा मिश्रित थी, लेकिन इसे जेम्स बांड सीरिज की बेहतरीन फिल्मों में से एक माना जाता है। इस फिल्म के बाद जेम्स बांड सीरिज में इस किरदार और फिल्म की कुछ स्टाइल हमेशा के लिए पक्के हो गए। फिल्म की शुरुआत किरदार के बारे में बताते हुए की जाती है जिसमें पर्दे पर एक गन दिखाई देती है। इसके बाद पर्दे पर फिल्म का टाइटल उभरता है।

2) फ्रॉम रशिया विद लव (1963)
फ्रॉम रशिया विद लव जेम्स बांड सीरिज की दूसरी फिल्म थी, जिसे इयान प्रोडक्शन के तले बनाया गया था। फिल्म में एक बार फिर शॉन कॉनरी बांड बने। फिल्म इयान फ्लेमिंग के 1957 में पब्लिश हुए इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी। इस फिल्म में जेम्स बांड सोवियत कांसुलेट क्लर्क टाटिआना रोमानोवा के तुर्की से भाग निकलने में मदद करने जाता है। यहीं बांड की हत्या करके डॉक्टर नो की मौत का बदला लेने की योजना बनाता है। अमेरिका में डॉक्टर नो की सफलता के बाद, जेम्स बांड सीरिज की दूसरी फिल्म बनाने पर सहमति बनी। इस फिल्म के लिए बजट को दोगुना कर दिया गया। तुर्की के दृश्यों की शुटिंग बकिंघमशायर के पाइनवुड स्टूडियो और स्कॉटलेंड में की गई थी। फिल्म समीक्षकों और दर्शकों द्वारा जबरदस्त पसंद की गई। इस फिल्म ने कमाई के मामले में पहली फिल्म को काफी पीछे छोड़ दिया।

3) गोल्डफिंगर (1964)
​जेम्स बांड सीरिज की तीसरी फिल्म गोल्डफिंगर में शॉन कॉनरी की मुख्य भूमिका थी। यह फिल्म भी इयान फ्लेमिंग के इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी। फिल्म में ऑनर ब्लैकमैन बांड गर्ल पुसी गैलोर और गर्ट फ्रोब औरिक गोल्डफिंगर बने थे। इस फिल्म में बांड,

गोल्ड मैग्नेट औरिक गोल्डफिंगर द्वारा की जा रही सोने की स्मगलिंग की जांच करता है। इसी दौरान वह गोल्डफिंगर के सोना संग्रहित करने की जगह को बर्बाद करने के प्लान का पता लगाता है। यह फिल्म पिछली दोनों फिल्मों के बजट को जोड़ने के बाद बनाई गई थी और बहुत बड़ी हिट बनकर उभरी। इस फिल्म में इस्तेमाल किए गए सामान बांड की पहचान बन गए और अगली कई फिल्मों में इस्तेमाल किए गए। फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसे एकेडमी अवॉर्ड का मिलना था। फिल्म ने अपनी लागत दो सप्ताह में ही वसूल ली।

4) थंडरबॉल (1965)
थंडरबॉल जेम्स बांड सीरिज की चौथी फिल्म है और इसमें भी शॉन कॉनरी एमआई6 एजेंट जेम्स बांड बने थे। फिल्म इसी नाम के उपन्यास पर आधारित थी। इस फिल्म में बांड स्पेक्टर द्वारा चुराए गए नाटो के दो एटम बम खोजने के मिशन पर निकलता है। इन बम के दम पर स्पेक्टर 100मिलियन पाउंड की राशि हीरों के रूप में मांग करता है। जिसके बदले में वह इंग्लैड और अमेरिका के बडे शहरों को नष्ट न करने का वादा करता है। इस खोज में बांड बाहमास पहुंच जाता है। यह फिल्म भी जबरदस्त सफल थी और इसने 141.2 मिलियन डॉलर की कमाई की। इसने कमाई में पिछली तीन बांड फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। कुछ समीक्षकों ने इसे बेहतरीन फिल्म बताया वहीं अन्य ने इसे पुरानी फिल्मों के ढर्रे को दोहराने वाली फिल्म बताया।


5) यू ओनली लिव ट्वाइस (1967)
जेम्स बांड की पांचवी फिल्म यू ओनली लिव ट्वाइस में शॉन कॉनरी फिर एक
बार जेम्स बांड बने हालांकि इस फिल्म के दौरान कहा गया था कि यह बतौर बांड उनकी आखिरी फिल्म होगी परंतु वह 1971 में फिर जेम्स बांड बने। यह ऐसी पहली बांड फिल्म थी जो इयान
फ्लेमिंग के उपन्यास से हटकर बनाई गई थी। इसमें सिर्फ कुछ किरदार और जगह ही फ्लेमिंग के उपन्यास पर आधारित थे। इस फिल्म में बांड को अमेरिका और सोवियत के स्पेसक्राफ्ट के रहस्यमय ढंग से गायब हो जाने के बाद जापान भेजा जाता है। जब सभी देश एक दूसरों को शीत युद्ध के लिए दोषी ठहरा रहे थे, तब बांड चुपके से जापान के एक सुदूर टापू पर पहुंच जाता है और यहां उसका सामना स्पेक्टर के प्रमुख अर्नेस्ट स्टावरो ब्लोफेल्ड से होता है। फिल्म ने जबरदस्त सफलता हासिल की और चारों तरफ से इसे सकारात्मक रिव्यू मिले। फिल्म की कुल कमाई 111 मिलियन डॉलर थी।



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