Happy Birthday : महेश भट्ट का विवादों से रहा है पुराना नाता, बेटी को किस कर बुरे फंसे थे निर्देशक

Last Updated: सोमवार, 20 सितम्बर 2021 (11:22 IST)
बॉलीवुड को कई हिट फिल्में देने वाले मशहूर निर्देशक-प्रोड्यूसर का 20 सितंबर को जन्मदिन है।
वे एक ऐसे निर्देशक हैं जिन्होंने हमेशा लीक से हटकर फिल्में बनाई। फिल्मों में बोल्ड कंटेंट के लिए फेमस महेश भट्ट की रील और रियल लाइफ हमेशा विवादों में रही हैं।

महेश भट्ट के पिता का नाम नानाभाई भट्ट है जबकि उनकी मां का नाम शिरीन मोहम्मद अली है। कहा जाता है कि उनके माता पिता ने कभी शादी नहीं की। जिसका असर महेश भट्ट की जिंदगी पर भी पड़ा। उन्होंने अपनी जिंदगी में शादी को ज्यादा अहमियत नहीं दी।
महेश भट्ट को कॉलेज के दौरान लोरिएन ब्राइट नाम की एक लड़की से प्यार हो गया। शादी के बाद लोरिएन का नाम बदलकर किरन भट्ट रखा गया। किरन, पूजा भट्ट और राहुल भट्ट की मां हैं। इसी बीच महेश भट्ट का अफेयर परवीन बॉबी से हो गया। इससे उनकी शादी में दरार पड़ गई थी। कुछ समय बाद परवीन से भी उनके रिश्ते बिगड़ गए।

फिर महेश भट्ट की जिंदगी में आईं। सोनी के साथ अफेयर के समय महेश और किरन एक साथ ही रहते थे। उन्होंने कानूनी तौर पर तलाक नहीं लिया था लेकिन सोनी राजदान से शादी कर ली। महेश भट्ट और सोनी राजदान की दो बेटियां आलिया और शाहीन हैं।
महेश भट्ट 24 साल छोटी बेटी पूजा भट्ट के साथ लिपलॉप करके भी विवादों में आ चुके हैं। इतनी ही नहीं उनका बेटा राहुल भट्ट आतंकी डेविड कोलमैन हेडली का जिम ट्रेनर भी रहा है। हालांकि, राहुल जब उन्हें ट्रेन कर रहे थे तब वे नहीं जानते थे हेडली आतंकी है।

एक इंटरव्यू में महेश भट्ट ने अपनी बेटी को लेकर कहा था कि अगर पूजा भट्ट उनकी बेटी ना होती तो वो उससे शादी कर लेते। बहरहाल महेश भट्ट कितने भी विवादों में रहे हों लेकिन वो उसे गंभीरता से नहीं लेते। आज भी वो हर मुद्दे पर बेबाक तरीके से राय रखते हैं।

महेश जब 20 साल के थे तभी से ही उन्होंने विज्ञापनों के लिए लेखन शुरू कर दिया था। हालांकि, स्कूल के दिनों से ही उन्होंने पैसे कमाने के लिए पार्ट टाइम जॉब करना शुरू कर दिया था। ऐसा माना जाता है कि महेश के व्यक्तित्व पर ओशो का काफी असर है, क्योंकि महेश ओशो रजनीश के अनुयायी हैं।
महेश भट्ट ने फिल्मी करियर की शुरुआत निर्देशक राज खोसला के साथ बतौर सहायक निर्देशक के की थी। महेश ने पहली बार 1970 में आई फिल्म 'संकट' का निर्देशन किया था। कई शुरुआती असफलताओं के बाद 1979 में आई फिल्म 'लहू के दो रंग' से महेश को सफलता मिली। इससे बाद तो इनके कदम रूके नहीं। इन्होंने अपने ही जीवन से प्रेरित हो 'अर्थ' फिल्म का निर्माण किया।

महेश भट्ट ने अर्थ, सारांश, जन्‍म, नाम, काश, डैडी, तमन्ना और जख्म जैसी संवेदनशील फिल्मों का निर्माण किया। वहीं उन्होंने राज, जिस्म, पाप, मर्डर, रोग, जहर, मर्डर 2, जिस्म 2 जैसी फिल्में बनाकर बोल्ड फिल्मों के डायरेक्टर के तौर पर पहचान बनाई।



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