केजीएफ स्टार यश बस ड्राइवर के हैं बेटे, बस स्टॉप पर सोना पड़ा, नाम बदलने से चमकी किस्मत

केजीएफ के स्टार इस समय पूरे भारत में लोकप्रिय हैं और उनकी फिल्म केजीएफ को खूब पसंद किया गया था। यश का जीवन संघर्ष से भरा रहा है और उन्होंने कड़ी मेहनत कर सफलता हासिल की है। पेश है यश के बारे में ऐसी कुछ बातें जो बहुत कम लोगों को पता है। 
1) यश का वास्तविक नाम है नवीन कुमार गौड़ा। 2) यश के पिता अरुण कुमार जे. बस ड्राइवर थे और केएसआरटीसी ट्रांसपोर्ट सर्विस में बस चलाते थे।> > 3) यश ने मैसूर स्थित स्कूल में पढ़ाई की और बचपन से ही उनका रूझान सांस्कृतिक कार्यक्रमों की ओर था।
4) परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी इसलिए स्कूल की छुट्टी के दौरान यश डिलीवरी बॉय का काम करते थे।

5) पैसों की तंगी के कारण यश ने कॉलेज की पढ़ाई अधूरी छोड़ दी और परिवार की आर्थिक मदद के लिए वे बंगलुरु चले गए ताकि कुछ काम कर सके। 

6) यश को 'स्टॉप' नामक फिल्म में सहायक निर्देशक का काम मिला, लेकिन कुछ दिनों में फिल्म बंद हो गई। 

7) यश के पास रूकने की जगह नहीं थी, तब मोहन नामक शख्स ने उन्हें अपने साथ रहने के लिए कहा, लेकिन मोहन के रहने की जगह छोटी थी इसलिए यश ने वहां अपना सामान रखा और खुद रात में बस स्टॉप पर सोते थे। 

8) यश ने एक ड्रामा कंपनी जॉइन की जहां उनका नाम नवीन से बदल कर यश कर दिया गया। नाम बदलते ही उनकी किस्मत चमक गई। 

9) एक बड़ी पार्टी में जाने का यश को मौका मिला जहां पर कर्नाटक फिल्म इंडस्ट्री के लोग आए हुए थे। यश नोटिस किए गए और उन्हें टीवी सीरियल के ऑफर मिले जो उन्होंने किए। 

10) राधिका पंडित के साथ उन्होंने कुछ टीवी सीरियल किए। दोनों की जोड़ी पसंद की गई इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। 

11) यश को एक फिल्म में छो टा रोल मिला और इसके बाद 'मोगिना मानासु' में लीड रोल मिला। यह नायिका प्रधान फिल्म थी, लेकिन यश का अभिनय सराहा गया और उन्हें फिल्मफेअर अवॉर्ड भी मिला। 

12) धीरे-धीरे यश लोकप्रिय हो गए और केजीएफ के बाद उनकी लोकप्रियता चौगुनी हो गई। यश का कहना है कि उन्होंने ऐसा ही सपना देखा था कि हर कोई उन्हें पहचाने और नोटिस करे। 



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