महागठबंधन का दिवाली धमाका, भाजपा की महा हार

243 में से जेडीयू+ 178, बीजेपी+58, अन्य 7

Last Updated: सोमवार, 9 नवंबर 2015 (09:51 IST)
बिहार विधानसभा चुनाव में हार स्वीकार करते हुए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने और लालू प्रसाद को बधाई दी और कहा कि उनका दल जनादेश का सम्मान करता है।  राहुल गांधी ने महागठबंधन की जीत को विभाजनकारी सोच पर एकता की, अहंकार पर विनम्रता की और नफरत पर प्यार की जीत करार दिया।
 
भाजपा नेता राम माधव ने हालांकि इन दावों को खारिज किया कि बिहार विधानसभा चुनाव परिणाम इस बात का संकेत है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता में कमी आई है। उन्होंने हालांकि इस हार के मद्देनजर सुधारात्मक कदम उठाने की बात कही।
 
आप नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी नीतीश कुमार को ‘ऐतिहासिक जीत’ पर बधाई दी।
 
चुनाव में भाजपा नीत गठबंधन की हार के बीच सहयोगी शिवसेना ने चुटकी लेते हुए कहा कि बिहार चुनाव परिणाम ‘एक नेता के पराभव’ का संकेत हैं।
 
कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा, ‘शाबास बिहार। कांग्रेस, राजद और जदयू के नेतृत्व और कार्यकर्ताओं को बधाई। उन्होंने राजग के झूठे दावों को पराजित करने के लिए कठिन परिश्रम किया।’ चुनाव के समय महागठबंधन के पक्ष में खुलकर समर्थन में आई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विजय के लिए नीतीश कुमार और लालू प्रसाद को बधाई दी और इसे ‘सहिष्णुता की विजय और असहिष्णुता की पराजय’ बताया।
 
यहां यह उल्लेख दिलचस्प है कि नीतीश कुमार ने जहां खुद ही चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया वहीं लालू भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराए जाने के कारण चुनाव नहीं लड़ सके। हालांकि लालू के दो पुत्र तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव चुनावी महासमर में अपने हाथ आजमाने उतरे और विजयी रहे। इन चुनाव परिणामों ने जहां नीतीश को एक बार फिर बिहार की राजनीति का चाणक्य साबित किया वहीं हाशिए पर खड़े लालू प्रसाद को एक बार फिर राज्य की सियासत की धुरी बना दिया।
 
राजग की हार के साथ ही गठबंधन में विरोध के स्वर सुनाई देने लगे। भाजपा सांसद एवं पत्रकार चंदन मित्रा ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि महागठबंधन का सुव्यवस्थित विनम्र प्रचार और नीतीश कुमार को अपना मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करने का उसका दॉव काम कर गया। मतदाताओं ने भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की ओर से बनाये गए आक्रामक प्रचार को खारिज कर दिया।’ मित्रा ने यह भी कहा कि बिहार में एक मजबूत पार्टी नेतृत्व तैयार करने की जरूरत है।
 
नाराज चल रहे भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने महागठबंधन की जीत को ‘लोकतंत्र की जीत’ करार दिया और पार्टी के शीर्ष नेताओं पर यह कहते हुए कटाक्ष किया कि ‘बिहारी के मुकाबले बाहरी’ के मुद्दे का हमेशा के लिए समाधान हो गया है।
 
शत्रुघ्न ने श्रृंखलाबद्ध ट्वीट में कहा ‘लालू जी और नीतीश जी को बिहार चुनावों में जीत के लिए बधाई। हम जनता के जनादेश के आगे सिर झुकाते हैं। यह लोकतंत्र और बिहार की जनता की जीत है। मैं उन्हें सलाम करता हूं। ऐसा लगता है कि बिहारी बनाम बाहरी (और बिहारी बाबू की अनुपस्थिति) के मुद्दे का हमेशा के लिए समाधान हो गया है।’
 
पटना सहिब से भाजपा के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक अन्य ट्वीट में पार्टी नेतृत्व को सलाह दी ‘आत्मावलोकन, परिवर्तन, भविष्य में बेहतर रणनीति, टीमवर्क और समन्वय आज के दिन की मांग है। एक बार फिर बिहारियों को सलाम।’ बिहार से भाजपा सांसद आर के सिंह ने कहा कि आत्ममंथन होना चाहिए और जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। सिंह ने चुनाव से पहले पार्टी के टिकट वितरण की आलोचना की थी। (भाषा)
 



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