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Sharad Purnima : चंद्रदेव कौन हैं? कैसे हुआ उनका जन्म, एक परिचय चमकते चंद्रमा का

मंगलवार,अक्टूबर 19, 2021
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ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुल 9 ग्रह हैं जो सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु या बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहू और केतु माने गए हैं। इन नवग्रहों में से प्रत्येक ग्रह विभिन्न परिणाम देते हैं और 12 विभिन्न राशियों में बैठकर कभी-कभी बिल्कुल विपरीत परिणाम देते ...
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सूर्य सभी ग्रहों का मुखिया है। सौर देवता, आदित्यों में से एक, कश्यप और उनकी पत्नियों में से एक अदिति के पुत्र। उनके बाल और हाथ सोने के हैं। उनके रथ को सात घो़ड़े खींचते हैं
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इसी प्रकार हमारे ऋषि-मुनियों ने रत्नों से भी कई बीमारियों के उपचार ज्योतिषी शास्त्र में बताए हैं। ये हमारे देश की ज्योतिष विद्या का एक अद्भुत चमत्कार ही है।
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ज्योतिष विद्वानों और पंचांग के अनुसार अक्टूबर माह में 4 ग्रह राशि परिवर्तन कर रहे हैं और 3 ग्रह अपनी चाल बदल रहे हैं। आओ जानते हैं कि वे कौन-कौनसे ग्रह हैं।
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शनि जयंती 2021 : महत्व, पूजा विधि, कथाएं, मुहूर्त, उपाय, मंत्र और दान
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विष्णुधर्मोत्तर पुराण शनि के रूप में अधिक स्पष्ट उल्लेख करता है। उसके अनुसार शनि को काले वर्ण का होना चाहिए और उन्हें वस्त्र भी काले वर्ण के ही पहनाने चाहिए। उनके दोनों हाथों में दंड तथा अक्षमाला रहती है
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मनुष्य जन्म से लेकर अपनी कार्यप्रणाली अनुसार कर्म करता है। जाने-अनजाने में शुभ-अशुभ दोनों ही कर्म करता है। सात्विक व तामसी प्रवृत्ति प्रत्येक व्यक्ति के अंदर होती है।
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आचार्य वराहमिहिर के अनुसार जब सूर्य जन्म कुंडली की बुरी स्थिति में पड़ा हो और हानिकारक हो रहा हो, जैसे दिल की बीमारी, शासकीय कार्यों में परेशानी, आंखों में कष्ट हो, पेट संबंधी बीमारियां हो, हड्डियों में तकलीफ होती है, उस समय गुड़ का दान करना, गेहूं ...
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राहु एक रहस्यमयी ग्रह है। आइए जानते हैं इसके विषय में 20 खास बातें
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मान्यता अनुसार हस्तरेखा के प्रेडिक्शन के दौरान महिलाओं का उल्टा हाथ देखा जाता है उसी तरह कुंडली देखने का तरीका भी भिन्न होता है क्योंकि महिलाओं की कुंडली में अनेक भिन्नता होती है।
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भारतीय ज्योतिष और पौराणिक कथाओं में 9 ग्रह गिने जाते हैं, सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र, मंगल, गुरु, शनि, राहु और केतु। सात घो़ड़े खींचते हैं सूर्य रथ को। यह सभी ग्रहों का मुखिया है।
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नवग्रहों में शनि को पीड़ा देने वाला ग्रह माना गया है। शनिवार का ग्रह है शनि ग्रह। शनि ग्रह की दो राशियां हैं कुंभ और मकर तुला। शनि हमारे जीवन में अच्छे कर्म का पुरस्कार और बुरे कर्म के दंड देने वाले हैं। इसकी प्रकृति दारुण है। यह दिन एक और जहां ...
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आपने पारस मणि, नागमणि, कौस्तुभ मणि, चंद्रकांता मणि, नीलमणि, स्यमंतक मणि, स्फटिक मणि आदि का नाम तो सुना ही होगा, परंतु ही यहां निम्नलिखित नौ मणियों की बात कर रहे हैं- घृत मणि, तैल मणि, भीष्मक मणि, उपलक मणि, स्फटिक मणि, पारस मणि, उलूक मणि, लाजावर्त ...
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हिंदू धर्म में सूर्य देव की उपासना की जाती है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य एक ग्रह के रूप में जाना जाता हैं और सभी ग्रहों में सूर्य देव श्रेष्ठ माने जाते हैं।
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नवग्रहों में गुरु या बृहस्पति ग्रह को ही सर्वश्रेष्ठ ग्रह क्यों माना जाता है। गुरु की राशि धनु और मीन है। गुरुवार इनका दिन है। गुरुवार की प्रकृति क्षिप्र है। यह दिन ब्रह्मा और बृहस्पति का दिन माना गया है। गुरु के सूर्य, मंगल, चंद्र मित्र ग्रह हैं, ...
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सबसे पहले सूर्य का आह्वान किया जाता है क्योंकि सभी ग्रह सूर्य की परिक्रमा करते हैं। रोली से रंगे हुए लाल अक्षत और लाल रंग के पुष्प लेकर निम्न मंत्र से सूर्य का आह्वान करें -
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जैसे चंद्रमा का और सूर्य का प्रभाव पड़ता है उसी तरह प्रत्येक ग्रह का धरती पर कहीं ना कहीं कुछ ना कुछ असर या प्रभाव पड़ता है। चंद्र और सूर्य का प्रभाव तो हमें प्रत्येक्ष दिखाई देता है परंतु अन्य ग्रहों का प्रभाव नहीं दिखाई देता। चंद्रमा के कारण धरती ...
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अधिकतर लोग शनि भगवान से डरते हैं इसी कारण वे उनके मंदिर में उनकी आराधना करने जाते हैं। कई लोग ऐसे भी हैं जिन्होंने शनिदेव और हनुमानजी दोनों को ही साध रखा है। आओ जानते हैं कि शनिदेव की वक्री दृष्टि किस राशि पर पड़ती है और क्या है बचने के उपाय।
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शनिवार को काले कुत्ते, काली गाय को रोटी, काली चिंटी और काली चिड़िया को दाने डालने से जीवन की रुकावटें दूर होती है।
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