आज मासिक शिवरात्रि, सोमवार को बन रहा है प्रदोष का संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, मंत्र और पूजा विधि

Lord Shiva Pujan
Lord Shiva Worship
 
हिंदू धर्म में हर माह आने वाली शिवरात्रि का शिव आराधकों के लिए बड़ा महत्व है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार महाशिवरात्रि की मध्य रात्रि को ही भगवान शिवलिंग रूप में प्रकट हुए थे। माना जाता है कि इसी समय ब्रह्मा और विष्णु के द्वारा पहली बार शिवलिंग का पूजन किया गया था। वैसे तो एक वर्ष में एक महाशिवरात्रि और 11 शिवरात्रियां पड़ती हैं, जिन्हें मासिक शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है। मासिक शिवरात्रि हर माह में एक बार आती है। इस तरह से 12 शिवरात्रि होती हैं।


हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी पर शिवरात्रि मनाई जाती है, जिसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से भगवान शंकर प्रसन्न होते हैं और शास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी, सरस्वती, इंद्राणी, गायत्री, सावित्री, पार्वती और रति ने शिवरात्रि का व्रत किया था और शिव कृपा से अनंत फल प्राप्त किए थे। इस व्रत के संबंध में धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव-पार्वती जी की कृपा प्राप्त करने के लिए मासिक शिवरात्रि व्रत अवश्य ही करना चाहिए।

पंचांग की तिथि के अनुसार मासिक शिवरात्रि को का दिन है। वहीं, इस दिन सुबह के समय त्रयोदशी तिथि होने के कारण प्रदोष व्रत शुरू होगा, वहीं सोमवार होने की वजह से इस दिन सोम प्रदोष व्रत का खास संयोग बन रहा है। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार इस दिन भगवान शिवजी का व्रत और पूजन विशेष फलदायी रहेगा।
मंत्र-
- ॐ नमः शिवाय
- ॐ ऐं ह्रीं शिव गौरीमय ह्रीं ऐं ऊं।
- ॐ ह्रीं नमः शिवाय ह्रीं ॐ।
- ॐ तत्पुरुषाय विद्महे, महादेवाय धीमहि, तन्नो रूद्र प्रचोदयात्।।
- ॐ शिवाय नम:

मासिक शिवरात्रि व्रत पूजन विधि-

- इस दिन सुबह जल्दी उठें और नित्यकर्मों से निवृत्त हो जाएं।
- इसके बाद जिस जगह पूजा करते हैं, वहां साफ कर लें।
- फिर महादेव को पंचामृत से स्नान कराएं।
- उन्हें तीन बेलपत्र, भांग धतूरा, जायफल, फल, मिठाई, मीठा पान, इत्र अर्पित करें।
- शिवजी को चंदन का तिलक लगाएं, फिर खीर का भोग लगाएं।
- दिन भर भगवान शिव का ध्यान करें, उनकी स्तुति करें।
- रात्रि के समय प्रसाद रूपी खीर का सेवन कर पारण करें और दूसरों को भी प्रसाद बांटें।
आश्विन माह के मासिक शिवरात्रि के मुहूर्त

इस बार आश्विन मास की शिवरात्रि 4 अक्टूबर 2021, सोमवार को रात्रि 09.05 मिनट से चतुर्दशी की तिथि प्रारंभ होकर 05 अक्टूबर 2021, मंगलवार को शाम 07.04 मिनट पर मासिक शिवरात्रि का समापन होगा।

इस बार आश्विन मास की शिवरात्रि का व्रत 04 अक्टूबर को है, इस दिन एक विशिष्ट संयोग का निर्माण हो रहा है। हालांकि इस बार चतुर्दशी तिथि का सूर्योदय 05 अक्टूबर, मंगलवार के दिन हो रहा है, लेकिन शिवरात्रि का पूजन रात्रि में होने के कारण आश्विन मास की मासिक शिवरात्रि सोमवार, 04 अक्टूबर को ही मानी जाएगी। शिवरात्रि के पूजन के लिए विशिष्ट मुहूर्त रात्रि 11.51 मिनट से लेकर 12.40 मिनट तक है। इस समय में शिवजी का पूजा करना अतिशुभ रहेगा।



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