तेनालीराम की कहानियां : तेनालीराम और लाल मोर

FILE


उसकी कुटिल मुस्कराहट देखकर समझ गए कि यह जरूर उस दरबारी की चाल है। वे जानते थे कि लाल रंग का मोर कहीं नहीं होता। बस फिर क्या था, तेनालीराम उस रंग विशेषज्ञ की तलाश में जुट गए।

दूसरे ही दिन उन्होंने उस चित्रकार को खोज निकाला। वे उसके पास 4 मोर लेकर गए और उन्हें रंगवाकर राजा के सामने पेश किया।

'महाराज हमारे दरबारी मित्र 25 हजार में केवल 1 मोर लेकर आए थे, पर मैं उतने में 4 लेकर आया हूं।'

वाकई मोर बहुत खूबसूरत थे। राजा ने तेनालीराम को 25 हजार रुपए देने की घोषणा की।
WD|



और भी पढ़ें :