क्या समय पर तैयार हो पाएगा खेलगाँव?

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित मंगलवार, 6 जुलाई 2010 (19:17 IST)
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दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों की सुस्त चाल की एक और बानगी पेश करता खेलगाँव अभी तक पूरी तैयार नहीं हो सका है। आयोजन समिति के लाख दावों के बावजूद वस्तुस्थिति इसके समय रहते सज पाने को लेकर कई सवाल खड़े करती है।


अक्षरधाम मंदिर के पास बन रहे खेलगाँव में निर्माण कार्य अभी जारी है और अभी मलबा भी पूरी तरह से नहीं हट पाया है। तीन से 14 अक्तूबर तक होने वाले इन खेलों में तीन महीने से भी कम समय बचा है और निर्माण पूरा होने के बाद फिनिशिंग के काम में भी काफी समय लगेगा।

इस बारे में पूछने पर दिल्ली के उप राज्यपाल तेजेंद्र खन्ना ने कहा कि खेलगाँव को लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है। यह समय पर तैयार हो जाएगा। हालाँकि सड़क किनारे पड़े मलबे को हटाने का काम जारी है। 300 ट्रक मलबा हट चुका है। अभी और हटना बाकी है। बाकी का काम समय रहते हो जाएगा।

खन्ना आज लगभग 15 दिन में दूसरी बार खेलगाँव का निरीक्षण करने पहुँचे थे। उन्होंने यहाँ निर्माण विभाग के अधिकारियों से निर्माण का जायजा लिया और उनकी चिंताएँ सुनी।


इस बीच मानसून के आगमन से निर्माण कार्य में और बाधाएँ पैदा होने की आशंका है, लेकिन खन्ना ने साथ ही फिर दोहराया कि खेलगाँव का निर्माण अच्छी तरह से होगा और काम पूरा होने के बाद राष्ट्रमंडल खेलों के इस मुख्य केन्द्र को एक अगस्त को आयोजन समिति को सौंप दिया जाएगा।
खन्ना ने कहा खेलगाँव बनकर भव्य स्थल बनेगा और इसका काम पूरा होने के बाद इसे एक अगस्त को राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति को सौंप दिया जाएगा। इससे पहले आयोजन समिति के अध्यक्ष और भारतीय ओलि‍म्पिक संघ के प्रमुख सुरेश कलमाड़ी बारंबार अब तक राष्ट्रमंडल खेलों का सर्वश्रेष्ठ खेलगाँव तैयार करने का दावा करते आए हैं।

खेलगाँव तैयार होने में हो रहे विलंब के बारे में पूछे जाने पर उनका यही जवाब रहा है कि सारे काम समय पर पूरे हो जाएँगे और हम अब तक का सर्वश्रेष्ठ खेलगाँव देखेंगे। वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने तैयारियों को लेकर ‘नर्वस’ होने की बात स्वीकार करते हुए कहा था कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो जाएगा।
इनके दावों की कलई हालाँकि स्थानों का दौरा करने से खुल जाती है। शायद यही वजह है कि अभी तक खेलगाँव के भीतर मीडिया को प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई है। खिलाड़ियों और कोचों के लिए बन रहे फ्लैट्स के मुख्य द्वार के भीतर प्रवेश निषिद्ध है जबकि अभ्यास स्थल अभी तैयार नहीं है। इसमें अभी शुरुआती स्तर पर ही काम चल रहा है। अक्षरधाम से खेलगाँव तक जाने का रास्ता सुगम नहीं है और पूरे रास्ते में मिट्टी बिखरी पड़ी है। (भाषा)



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