सूखे ने किया किसान को पागल

महोबा (वार्ता)| वार्ता|
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लगातार छह साल से सूखे की मार झेल रहे बुंदलेखंड के महोबा जिले में एक दलित को पानी के अभाव में खेतों में ही बीज नष्ट हो जाने के कारण इतना गहरा सदमा लगा कि वह पागल हो गया।


जिले में फसल सूखने के कारण एक किसान की दिल का दौरा पड़ने से और गरीबी के कारण इलाज कराने में असमर्थ एक बीमार महिला की फाँसी लगाकर दर्दनाक मौत की भी खबर है।

बुंदेलखंड में लगातार छठे साल पड़ रहे सूखे के कारण फसल नहीं होने से में फँसे फटेहाल किसानों द्वारा आत्महत्या और हृदयाघात से मरने की अनगिनत घटनाएँ हो चुकी हैं।

ताजा मामला कुलपहाड़ तहसील के भरवारा गाँव का है। वहाँ तीन बीघा जमीन के मालिक प्रागीलाल अहिरवार खेत की हालत देखकर दिमागी आघात से पागल हो गया।


मानसिक संतुलन खो बैठे प्रागीलाल को बदहवास दौड़ते, चीखते-चिल्लाते देखकर भरवारा के लोगों का कलेजा मुँह को आ गया। इस घटना से अवाक गाँव के तीन-चार लोगों ने प्रागीलाल को पकड़ा और किसी तरह मुश्किल से उसे नजदीक के कस्बे कुलपहाड़ में क्लिनिक में भर्ती कराया।
डॉक्टर द्वारा प्रागीलाल को गहरा सदमा लगने और उसे किसी बड़े शहर ले जाकर इलाज कराने की जरूरत बताए जाने के बाद ग्रामीण निराश्रित एवं फटेहाल प्रागीलाल के उपचार में आने वाली बाधा को लेकर बेहद परेशान हैं।



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