मेघों ने थामी मुंबई की लगाम

मुंबई (वार्ता)| वार्ता|
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और उपनगरों में सोमवार रात से हो रही से की जीवनरेखा कहने वाली (उपनगरीय रेल सेवा) मंगलवार दोपहर ठप हो गई। निचले इलाकों में जहाँ दिनभर लोग घरों में पानी उलेचते रहे, वहीं सड़कें फिर गड्ढों से पट गईं।


मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्रीनिवास मुंदगेकर के अनुसार दोपहर ढाई बजे से शाम साढ़े पाँच बजे के बीच मध्य रेलवे के मुख्य मार्ग और हार्बर मार्ग पर 200 उपनगरीय रेल सेवाएँ रद्द की गईं।

उन्होंने बताया कि घाटकोपर, कुर्ला, वडाला रोड आदि स्टेशनों पर पटरियाँ पानी में डूब गई थीं। इसके अलावा लंबी दूरी की आठ गाड़ियों के निर्धारित समय में परिवर्तन किया गया।

पश्चिम रेलवे सूत्रों के अनुसार वहाँ ट्रेन सेवा पूरी तरह ठप होने की नौबत नहीं आई, लेकिन ट्रेनें लगभग एक घंटे देरी से चल रही थीं। सड़क यातायात के हाल भी बहुत अच्छे नहीं थे और कई जगह जलजमाव के कारण वाहन कछुए की चाल से रेंगते दिखाई दिए।


हालाँकि वर्षा चूँकि कल रात से हो रही थी, इसलिए कई नौकरीपेशा लोग घरों से निकले ही नहीं। स्कूल, कॉलेजों में भी शिक्षकों की छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को लेकर एक दिन की हड़ताल के कारण उपस्थिति काफी कम थी।
ऐसे में मुंबई में फँसे लोगों को दूरदराज के उपनगरों में घरों तक पहुँचाने के लिए मुंबई महानगरपालिका ने अतिरिक्त बसें चलाईं। मुंबई छत्रपति शिवाजी टर्मिनस से ठाणे तक 92 बसें चलाई गईं।

मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी मुंबई और इसके उपनगरों में रह-रहकर तेज से बहुत तेज वर्षा होने की संभावना जताई है। पिछले 24 घंटों में यानी आज सुबह साढ़े आठ बजे तक कोलाबा में 119.10 मिमी और सांताक्रूज में 147.10 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
इस बीच पुणे से मिली खबरों के अनुसार पिछले 24 घंटों में लगातार बारिश से निचले इलाकों में पानी भर जाने और शहर में सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित होने की खबरें हैं।

मौसम विभाग की निदेशक मेधा कोहले के अनुसार पुणे समेत महाराष्ट्र के आंतरिक इलाकों में मानसून की गतिविधि में सुधार की उम्मीद है।
पुणे के अलावा पड़ोसी सतारा और अहमदनगर में भी लगातार बारिश की खबरें हैं। इन जिलों के प्रमुख बाँधों पानशेत, वरसगाँव और पावना में क्रमशः 106, 98 और 181 मिमी वर्षा दर्ज की गई। वर्षा होने से पेयजल की समस्या हल होने की उम्मीद है।

उधर, कोल्हापुर से मिली खबरों के अनुसार आज सुबह से हो रही तेज वर्षा के कारण पंचगंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। कोल्हापुर को पेयजल की आपूर्ति करने वाले राधानगरी बाँध में भी इसकी क्षमता का 46 फीसदी हिस्सा पानी से भर गया है।



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