इंदौर में बालिका वधू बनने से बची नाबालिग

इंदौर| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 26 अप्रैल 2013 (23:12 IST)
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इंदौर। और प्रशासन के वक्त रहते हरकत में आने से एक लड़की शुक्रवावर को यहां बालिका वधू बनने से बच गई। इस लड़की की गैर कानूनी शादी रुकवा दी गई।


अधिकारियों ने बताया कि मुखबिर से मिली सूचना पर का दल पुलिस के साथ एमआईजी थाने के पीछे स्थित नादिया नगर पहुंचा। वहां प्रिया कुशवाह की राहुल कुशवाह से शादी कराने की तैयारी चल रही थी।
उन्होंने बताया कि दस्तावेजों के मुताबिक प्रिया की उम्र 16 वर्ष पाई गई, जबकि राहुल की ओर से उसकी उम्र के बारे में कोई प्रमाण पत्र पेश नहीं किया जा सका।


अधिकारियों के मुताबिक प्रिया और राहुल के परिजन उन्हें रिश्तेदारों की मदद से शादी के बंधन में बांधने जा रहे थे, लेकिन यह गैर कानूनी विवाह रुकवा दिया गया और लड़का-लड़की के परिजनों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया।

उन्होंने बताया कि लड़का-लड़की के परिवार वालों से बाकायदा यह शपथ पत्र भी लिया गया कि वे दोनों के वयस्क होने तक उनका ब्याह नहीं करेंगे।

देश में 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 साल से कम आयु की लड़की की शादी की श्रेणी में आती है, जो कानूनन अपराध है। 2006 के तहत दोषी को दो वर्ष तक के सश्रम कारावास अथवा एक लाख रुपए तक के जुर्माने या दोनों सजाओं का प्रावधान है। (भाषा)



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