पोर्न वीडियों विवाद में तीनों मंत्रियों का इस्तीफा

बेंगलुरु| भाषा|
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विधानसभा में अश्लील क्लिप देखते हुए कैमरे में पकड़े जाने के एक दिन बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन मंत्रियों ने पार्टी नेतृत्व की ओर से कान ऐंठे जाने पर बुधवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

इस घटना से असहज भाजपा नेतृत्व ने राज्य के सहकारिता मंत्री लक्ष्मण सावदी और महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा बंदरगाह, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री कृष्णा पालेमर इस्तीफे का आदेश देकर इस प्रकरण से हुए नुकसान की भरपाई का प्रयास किया। पालेमर ने ही शेष दोनों मंत्रियों को यह क्लिप उपलब्ध कराया था।
तीनों मंत्रियों पर विधानसभा अध्यक्ष विधानसभा अध्यक्ष के जी बोपैया ने सदन की जांच समिति की ओर से इस मामले में 12 मार्च तक अपनी रिपोर्ट सौंपे जाने तक सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने पर रोक लगा दी।


अपने आदेश में बोपैया ने तीनों से 13 फरवरी तक अपना स्पष्टीकरण देने को कहा तथा उसके बाद उनके जवाब प्रस्तावित छह सदस्यीय जांच समिति के समक्ष रखे जाएंगे। समिति में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी, विपक्षी कांग्रेस एवं जनता दल सेकुलर :जदएस: के दो दो सदस्य होंगे। तब तक के लिए तीनों को विधानसभा की कार्यवाही में हिस्सा लेने से वंचित कर दिया गया है।

सावदी और पाटिल कैमरे में उस समय पकड़े गए थे जब वे विधानसभा की कार्यवाही के दौरान अश्लील क्लिपिंग देख रहे थे। इस घटना ने सदानंद गौड़ा सरकार और भाजपा की छवि तार तार कर दी तथा राज्य एवं उसके बाहर घटना की कड़ी निन्दा हुई।

सावदी, पाटिल और पालेमर ने संवाददाताओं से कहा हम पार्टी एवं सरकार को और परेशानी में नहीं डालना चाहते। हम सबने इस्तीफा देने का फैसला किया है। हमने अपने त्यागपत्र मुख्यमंत्री को सौंप दिए हैं और उनसे इन्हें स्वीकार करने का आग्रह किया है।
मंत्रियों को इस्तीफा देने का निर्देश दिए जाने से पहले भाजपा की एक बैठक हुई, जिसमें सदानंद गौड़ा, राज्य भाजपा प्रमुख केएस ईश्वरप्पा और पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा सहित शीर्ष नेता शामिल हुए।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि बैठक उस समय हुई जब भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन गडकरी ने गौड़ा और ईश्वरप्पा को निर्देश दिए कि वे तीनों मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करें। उधर, विधानसभा अध्यक्ष के फैसले से असंतुष्ट कांग्रेस के सदन में नेता सिद्धरमैया ने कहा कि उनकी पार्टी समिति का बहिष्कार करेगी क्योंकि पार्टी इन मंत्रियों को सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराए जाने के पक्ष में है।
जब मुख्यमंत्री डीवी सदानंद गौड़ा ने अध्यक्ष के समक्ष सदन की समिति गठित करने का प्रस्ताव रखा तब सिद्धरमैया ने कहा था कि समिति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने अश्लील वीडियो क्लिप देखने की बात कबूल की है। उन्हें अयोग्य ठहराइए।

अश्लील क्लिपिंग कांड ने आज कर्नाटक विधानसभा को भी हिलाकर रख दिया जहां विपक्षी कांग्रेस और जनता दल (एस) के सदस्यों ने इस घटना में शामिल तीनों पूर्व मंत्रियों को सदन से निलंबित करने, अयोग्य घोषित किए जाने तथा उनकी तत्काल गिरफ्तारी की मांग की।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होने पर मुख्यमंत्री ने सदस्यों को तीन मंत्रियों के इस्तीफों के बारे में सूचित किया। तीनों के इस्तीफे राज्यपाल हंसराज भारद्वाज ने स्वीकार कर लिए हैं। इस कांड को लेकर राज्य के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन भी हुए ।

भाजपा पर अपनी भृकुटि तानते हुए कांग्रेस ने मांग की कि तीनों मंत्रियों को गिरफ्तार किया जाना चाहिए और विधानसभा अध्यक्ष को उन्हें निलंबित कर देना चाहिए। केंद्रीय मंत्री वीरप्पा मोइली ने कहा कि उन्हें गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने विधानसभा की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।
कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि आजकल ऐसा प्रतीत होता है कि भाजपा के कुछ लोग हर तरह का मनोरंजन कर रहे हैं। कई बार राजनीतिक मनोरंजन, कई बार यह किसी और तरह का मनोरंजन होता है।

दक्षिण में पहली भाजपा सरकार के इन तीन मंत्रियों के बाहर होने से पिछले चार साल में आरोपों के चलते मंत्री पद छोड़ने वालों की संख्या अब सात हो गई है। अवैध खनन में लोकायुक्त की रिपोर्ट में नाम आने पर बीएस येदियुरप्पा को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा था। (भाषा)



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