नरेंद्र मोदी से नहीं डरती है कांग्रेस : संजय निरुपम

इंदौर| WD|
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इंदौर। महासचिव ने कहा कि कांग्रेस नरेंद्र मोदी से नहीं डरती है। 2014 के में कांग्रेस की सरकार बनेगी। भाजपा शेख चिल्ली का सपना देख रही है कि केंद्र में उसकी सरकार बनेगी। प्रधानमंत्री पद पर मोदी को लेकर उठे घमासान को लेकर निरुपम की राय यह थी कि भाजपा ने बच्चा पैदा होने से पहले ही झुनझुना खरीद लिया है।


प्रेस क्लब द्वारा आयोजित 'प्रेस से मिलिये' कार्यक्रम में कांग्रेस महासचिव ने कहा कि कांग्रेस का 125 साल पुराना इतिहास रहा है और वह किसी भी तरह से मोदी से नहीं डरती है। मोदी जिस गुजरात राज्य के मुखिया हैं, वहां पर फर्जी मुठभेड़ होती है। गुजरात के 25 अधिकारी अभी जेल में हैं, जिनमें एक डीजीपी अधिकारी भी शामिल है। मोदी के राज में उनके चार मंत्री जेल जा चुके हैं। एक मंत्री को कोर्ट के आदेश के बाद भी मंत्री पद से नहीं हटाया। दरअसल भाजपा राजनैतिक नई विकृतियों का शिकार है।
निरुपम ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के मुद्दे पर कहा कि इस देश में व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ता पार्टी चुनाव लड़ती है। भाजपा में जिसे बैचेनी है, वही इस तरह की बात करता है। कांग्रेस सरकार ने गरीबों के लिए काफी काम किया है और जब हमारी सरकार बनेंगी तब तय करेंगे कि कौन प्रधानमंत्री बनेगा। बेहतर हो कि भाजपा नेता अपने चरित्र, विचार और आइडोलॉजी में बदलाव करे।

राहुल गांधी ने कांग्रेसियों को दी बोलने की हिदायत के संदर्भ में उन्हों कहा कि यूपी, बिहार से जो लोग आते हैं उन्हें न तो ठीक से हिंदी आती है और न अंग्रेजी। वे यहां आकर कुछ भी बोल जाते हैं।


तेलंगाना मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 2000 में एनडीए ने तीन राज्य बनाए थे। यह राज्य वहां की विधानसभा ने जो सिफारिशें की थी, उस आधार पर बनाए गए थे। तेलंगाना के मामले में कांग्रेस ही नहीं भाजपा नेता भी उसका समर्थन करते थे। भाजपा कल कुछ बोल रही थी, आज कुछ बोल रही है और कल कुछ और बोलेगी। तेलंगाना राज्य जब बन जाएगा सब समस्या हल हो जाएगी। भाजपा यदि इसे जोड़कर संसद में उत्पात मचाना चाहती है तो वह ऐसा कर सकती है। हमने तो सिर्फ जन आंदोलन का सम्मान किया है।
राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि इस देश में व्यक्ति चुनाव नहीं लड़ता पार्टी चुनाव लड़ती है। भाजपा में जिसे बैचेनी है, वही इस तरह की बात करता है। कांग्रेस सरकार ने गरीबों के लिए काफी काम किया है और जब हमारी सरकार बनेंगी, तब तय करेंगे कि कौन प्रधानमंत्री बनेगा।

सोशल मीडिया पर उन्होंने कहा कि देश में केवल 3 फीसदी लोगों का ही ट्‍विटर एकाउंट हैं और वे 47 प्रतिशत को ट्‍विट करतें हैं। मैं भी मुंबई से सांसद हूं और अपनी गतिविधियां ट्‍विटर पर डालता हूं। मैं एमपी@डोर के माध्मय से मैं हर सप्ताह अलग अलग क्षेत्रों में जाता हूं और उसकी जानकारी ट्‍विटर पर देता हूं। देश महानगर नहीं है, देश मुंबई नहीं है, देश इंदौर भी नहीं है और सोशल मीडिया का इम्पैक्ट कुछ शहरों में पड़ सकता है लेकिन पूरे देश में नहीं।
लोकसभा 2014 के चुनाव में महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा। उन्होंने कहा कि 2008 में विश्वव्यापी मंदी शुरू हुई थी, जिसने अमेरिका की भी हालत खराब कर दी थी। 2010 के बाद भारत की स्थिति खराब हुई। ब्रिक्स देशों में भारत चीन के बाद दूसरे नंबर पर है फिर भी बहुत अच्छी स्थिति नहीं है। उन्होंने आयात कम करने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि लोगों की कमाई भी बढ़ी है। कई क्षेत्रों में 10 साल पहले जो वेतन मिलता था, वह अब तीन गुना हो गया है। क्रय शक्ति बढ़ी है। दाल का उत्पादन देश में 12 प्रतिशत से बढ़कर साढ़े 18 प्रतिशत हो गया है। इसके लिए हमने राष्ट्रीय दाल मिशन तैयार किया गया। पूरे देश में 25 हजार गांवों में किसानों को दाल उत्पादन के लिए प्रोग्राम बनाकर दिया लेकिन अभी भी हम 4 हजार टन दाल आयात कर रहे हैं। निरुपम के मुताबिक देश में गरीबी रेखा के नीचे पहले 37 प्रतिशत लोग थे, जो अब 22 प्रतिशत रह गए हैं। इसका श्रेय केंद्र सरकार की मनरेगा और अन्य योजनाओं को जाता है।
निरुपम ने यह भी कहा कि मैं कभी आरएसएस की शाखा में नहीं गया। मैं कम्यूनिस्ट था, पत्रकार था। पांचजन्य में मेरी खबरें छपती थी। वहां से बोला गया कि मेरी लेखन क्षमता अच्छी है, लिहाजा 2 साल मैंने वहां नौकरी की। भाजपा कहती है कि हमारा चाल-चलन अलग है, इस पर उन्होंने कटाक्ष किया कि राघवजी 50 सालों से संघ के प्रचारक थे। इसके क्या मायने निकाले जाएं?
आरटीआई मालले पर निरुमम ने कहा कि राजनैतिक दल प्रायवेट पार्टी है और जो भी पैसा खर्च होता है, उसका हिसाब बैलेंसशीट में दर्शाया जाता है। इसके बाद आरटीआई क्यों चाहिए? राजनैतिक पार्टिया बीसीसीआई नहीं है, देश का प्रतिनिधित्व नहीं करती। कौन मंत्री कितनी बार विदेश गया, मैंने अपने क्षेत्र में क्या काम किया, यह सब आरटीआई के दायरे में पहले से ही शामिल है।
राहुल गांधी के 'मीडिया मैनेंजमेंट' पर निरुपम ने कहा कि देश में बहुत सारे चैनल हो गए हैं और वे कांग्रेस का प्रतिनिधित्व करने के लिए किसी को भी बुला लेते हैं। ऐसे में यदि व्यक्ति को दिशा निर्देश पहले से मिल जाएंगे तो वह अपनी बात बेहतर तरीके से रख सकता है।

भ्रष्टाचार के मुद्दे पर निरुपम ने कहा कि भाजपा चाहती है नो करप्शन नो कांग्रेस। येदियुरप्पा कहां से पैदा हुए। मप्र भाजपा में भी काफी भ्रष्टाचार है। 14 मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला चल रहा है लेकिन जांच का अभी तक कोई अता पता नहीं है। मप्र में व्यापमं और अन्य घोटालों में राज्य सरकार नकेल कसने में नाकाम रही है।
मप्र में विधानसभा चुनाव के बारे में निरुपम ने कहा कि 200 सीटों पर तो कांग्रेस और भाजपा में बराबरी का मुकाबला रहेगा जबकि शेष 30 सीटों पर जोरदार घमासान होगा। वे मप्र में चुनाव से पहले ही बता देंगे कि कांग्रेस प्रदेश में कितनी सीटों पर जीत रही हैं। कर्नाटक की तर्ज पर ‍टिकट वितरण किया गया। यहां 80 प्रतिशत अच्छे लोगों को टिकट दिया गया है। हम चाहते हैं कि 90 से 95 प्रतिशत टिकट अच्छे लोगों को मिले। (वेबदुनिया न्यूज)



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