...तो भारत में भी होंगे मिस्र जैसे हालात-अन्ना हजारे

- वेबदुनिया

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इंदौर। भ्रष्टाचार के खिलाफ देश में अलख जगाने वाले समाजसेवी अन्ना हजारे ने बुधवार को कहा कि यदि हमारी सरकारें नहीं सुधरीं और लोगों का धैर्य जवाब दे गया तो कोई बड़ी बात नहीं कि जैसे हालात में भी बन सकते हैं


दरअसल, अन्ना से पूछा गया कि क्या भारत में मिस्र जैसा आंदोलन हो सकता है? इस पर अन्ना ने कहा कि हमारा एक-एक कदम उसी तरफ बढ़ रहा है। हालांकि हमारे देश की संस्कृति अलग है, यहां के लोग सहनशील हैं। हमारा देश हमेशा ‍अहिंसा के मार्ग पर ही चला है, किन्तु सीमा पार हुई तो कोई बड़ी बात नहीं मिस्र जैसी स्थिति हमारे यहां भी हो सकती है।

उन्होंने सवाल किया कि नक्सलवाद क्यों बढ़ रहा है, क्योंकि सरकार जो काम करना चाहिए वह समय पर नहीं करती। अन्ना ने कहा कि देश में कभी न कभी बड़ी क्रांति होगी, लेकिन हम चाहते हैं कि यह क्रांति हिंसक नहीं, अहिंसक होनी चाहिए।

न चुनाव लड़ेंगे, न वोट मांगेंगे : हजारे ने कहा कि जनतंत्र मोर्चे के बैनर तले निकल रही जनतंत्र यात्रा का उद्देश्य देश और समाज के लोगों में जागृति लाना है। मोर्चे का काम न तो चुनाव लड़ना है और न ही किसी पार्टी का समर्थन करना या वोट मांगना। मोर्चा समाज और देश के हित में हमेशा संघर्ष करता रहेगा।

उन्होंने कहा कि देश में आज जनतंत्र नहीं है, है तो सिर्फ पार्टी तंत्र, सरकार तंत्र और अधिकारी तंत्र। आजादी के लिए लाखों लोगों ने बलिदान दिया। उनका उद्देश्य था, अंग्रेजों को भगाना और देश में लोकतंत्र लाना। अंग्रेज तो चले गए, लेकिन जनतंत्र आना बाकी है। उन्होंने कहा कि वे केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का भी समर्थन नहीं करेंगे।
संसद में लुटेरे और व्यभिचारी : वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था से दुखी अन्ना हजारे ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में गुंडे, लुटेरे, व्यभिचारी लोग बैठे हुए हैं। संसद में 163 जनप्रतिनिधि दागी हैं। 35 में से 15 मंत्रियों पर भ्रष्टाचार समेत विभिन्न आरोप लगे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या होगा इस देश का?

उन्होंने कहा कि देश की संसद से बड़ी जन संसद है। अत: लोगों को संगठित होकर सु‍निश्चित करना चाहिए कि चरित्रवान लोग ही संसद और विधानसभाओं में पहुंचें। तभी सच्चे मायने में जनतंत्र आएगा। हालांकि इसमें वक्त लगेगा। जनता अपनी शक्ति को भूल गई है और हम उसे याद दिलाने के लिए ही यह यात्रा निकाल रहे हैं।
फिर जाऊंगा रामलीला मैदान : अन्ना हजारे ने कहा कि सरकार और प्रधानमंत्री के आश्वासन के बावजूद जनलोकपाल तैयार नहीं हो पाया। इस बात को दो साल हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो आगामी अक्टूबर से लेकर दिसंबर तक मैं फिर रामलीला मैदान जाऊंगा और एक बार फिर लोगों के बीच अलख जगाऊंगा।

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