बदल रहे हैं कांग्रेस में सत्ता समीकरण

सत्ता की चाबी अब 10 जनपथ से 12 तुगलक लेन की ओर

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पिछले 5 सालों तक 10 जनपथ के बाद सत्ता का दूसरा महत्वपूर्ण केंद्र रहे 23 त्यागराज मार्ग जहाँ सोनिया के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल रहते हैं, की भूमिका बदल रही है। पटेल कांग्रेस अध्यक्ष के भरोसेमंद सहयोगी तो रहेंगे, लेकिन अब उनकी सलाह और सुझाव पर जब तक राहुल गाँधी की सहमति नहीं होगी, तब तक सोनिया अपनी मुहर नहीं लगाएँगी।

कांग्रेस के भीतर इसे प्रधानमंत्री पद की ओर राहुल के पहले कदम के रूप में देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि केंद्र सरकार बनने के बाद मंत्रिमंडल के गठन में राहुल ने अपने पसंद के युवा नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह दिलाकर यह सुनिश्चित कर दिया है कि युवा मंत्री न सिर्फ अपने कामकाज को अंजाम देंगे, बल्कि अपने वरिष्ठ मंत्रियों के कामकाज और कार्यशैली पर निगाह रखते हुए उसकी जानकारी भी युवा महासचिव को देते रहेंगे।

अब वे पार्टी संगठन को अपने प्रभाव में लेने की कवायद में हैं। सूत्रों के मुताबिक राहुल ने सोनिया के दरबार से अलग अपनी राजनीतिक टीम तैयार की है। पिछले करीब दो साल से महासचिव दिग्विजयसिंह राहुल के बेहद करीब हो गए हैं।

विनोद अग्निहोत्री, नई दिल्ली| ND|
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में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया तेज हो गई है। पार्टी के शीर्ष केंद्र अध्यक्ष सोनिया गाँधी के निवास से सत्ता की विरासत युवा महासचिव राहुल गाँधी के घर 12 तुगलक लेन की ओर चल पड़ी है। यानी कांग्रेस में अब सोनिया गाँधी राहुल की मर्जी से फैसले लेंगी।
दिग्विजय राहुल और सोनिया दोनों के भरोसेमंद हैं। राहुल उनकी सलाह को खासी तरजीह देते हैं और लोकसभा चुनावों में उप्र में कांग्रेस को मिली कामयाबी ने दिग्विजय का रुतबा और बढ़ा दिया है। अब फैसलों में बदलते सत्ता समीकरणों का असर दिखाई पड़ने लगा है।



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