हेमा की उम्मीदवारी पर विवाद

राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया

बेंगलुरु| भाषा|
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में चुनावी सरगर्मियों को तेज करते और बाहरी बनाम स्थानीय विवाद को हवा देते हुए गुजरे जमाने की मशहूर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने सोमवार को राज्य से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए हो रहे चुनाव में अपना नामांकन दाखिल किया, जबकि एकजुट विपक्ष कन्नड़ अभिमान के नाम पर जाने-माने लेखक के मारूलसिद्दप्पा की उम्मीदवारी के समर्थन में खड़ा हो गया है।


हेमा मालिनी के बतौर भाजपा उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने के बाद जाने-माने कन्नड़ लेखक मारूलसिद्दप्पा ने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी अपना पर्चा भरा। सिद्दप्पा को कांग्रेस और जदएस समर्थन कर रहे हैं।

में हेमा के उतरने से कुछ वर्गों में बाहरी बनाम स्थानीय का विवाद उठ खड़ा हो गया है और बताया जाता है कि राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा का एक धड़ा नाखुश है। विपक्ष के इस कदम को इसी नाखुशी की भावना का इस्तेमाल करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

कन्नड़ लेखक के नामांकन दाखिल करने के समय उनके साथ विधानसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिद्धरमैया, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जी. परमेश्वर और जदएस नेता एचडी रवन्ना भी मौजूद थे।


सिद्धरमैया ने कहा कि कन्नड़ अभिमान बनाए रखना जरूरी है। उससे पहले ‘ड्रीमगर्ल’ हेमा मालिनी ने अपना नामांकन पत्र राज्य सचिवालय विधान सौध में चुनाव अधिकारी एसबी पाटिल के समक्ष दाखिल किया। उनके साथ मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा भी मौजूद थे।
बाद में हेमा ने उन्हें अवसर देने के लिए प्रदेश भाजपा इकाई को धन्यवाद दिया और कहा कि वे राज्य की सेवा के लिए भरसक प्रयास करेंगी।

उन्हें उम्मीदवार बनाए जाने पर पार्टी के एक वर्ग में कथित नाराजगी की खबर पर अभिनेत्री ने कहा कि इस अवसर पर सब ओर खुशी है, हालाँकि कुछ नाराजगी हो सकती है। उन्होंने कहा कि उन्होंने किसी को नाराज नहीं किया है। उन्होंने (नामांकन पत्र दाखिल कर) तो कई लोगों को खुश किया है।
कर्नाटक नाटक अकादमी के पूर्व अध्यक्ष मारूलसिद्दप्पा ने कहा कि उनके शुभचिंतकों, दोस्तों, कांग्रेस और जदएस ने कन्नड़ अभिमान के प्रतीक के रूप में उनसे चुनाव लड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाहरी लोगों को राज्यसभा के लिए चुना जा रहा है।

हेमा की उम्मीदवारी का समर्थन करते हुए येदियुरप्पा ने उम्मीद जताई कि वे राज्यसभा में कर्नाटक के हितों को आगे बढ़ाएँगी। उन्होंने संकेत दिया कि वे पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की पसंद हैं। हेमा को बाहरी बताने वाले आलोचकों की निंदा करते हुए ईश्वरप्पा ने कहा कि वे लता मंगेशकर और भीमसेन जोशी जैसी कलाकार हैं। उन्हें राज्य, भाषा और जाति की परिधि में बाँधना अच्छा नहीं है।
हेमा मालिनी को कर्नाटक से राज्यसभा में भेजना अपने आप में गौरव का विषय है। हेमा को अचानक उम्मीदवार बनाने की घोषणा से पहले पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री धनंजय कुमार के नाम की चर्चा चल रही थी। वे नई दिल्ली में कर्नाटक के विशेष प्रतिनिधि हैं।

विधानसभा में भाजपा की ताकत को देखते हुए हेमा का जीतना लगभग तय है। चुनाव तीन मार्च को होंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री एम. राजशेखर मूर्ति के देहावसान के कारण यह उपचुनाव कराया जा रहा है। (भाषा)



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