दलित मुसलमानों को मिले आरक्षण-रामदेव

नई दिल्ली| भाषा|
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योगगुरु ने देश में और ईसाई दलितों के लिए आरक्षण की पैरवी करते हुए कहा है कि तीन जून को कालेधन के मुद्दे पर सांकेतिक अनशन के बाद अगस्त महीने में आरपार की लड़ाई शुरू होगी।


मुस्लिम संगठन ‘ऑल इंडिया युनाइटेड मुस्लिम मोर्चा’ के बैनर तले इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर में आयोजित सम्मेलन में रामदेव ने कहा कि देश में अगर हिंदू दलितों को आरक्षण मिलता है तो मुस्लिम दलितों को क्यों नहीं मिलना चाहिए? संविधान के अनुच्छेद 341 के तहत धार्मिक आधार पर पाबंदी पूरी तरह गलत है। इस अनुच्छेद में बदलाव होना चाहिए। कुछ साल पहले देवबंद में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के मंच पर नजर आए बाबा आंदोलन शरू करने के बाद पहली बार मुस्लिम धर्मगुरुओं और नेताओं के साथ मंच साझा किया।
संविधान का अनुच्छेद 341 मुस्लिम तथा ईसाई दलितों को आरक्षण के प्रावधान से अलग रखता है। इस अनुच्छेद में संशोधन की लड़ाई को अपने आंदोलन का हिस्सा बनाने का एलान करते हुए रामदेव ने कहा कि मुझे भी नहीं पता था कि देश में दलित एवं ईसाई मुसलमानों को आरक्षण नहीं मिलता है और देश में अधिकांश को इसकी जानकारी नहीं है। यह भेदभाव है और इसके खिलाफ आज मैं लड़ाई का एलान करता हूं।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस की ओर से कई बार बाबा रामदेव को संघ के करीबी बताया गया। इस कार्यक्रम में मानो बाबा ने अपनी इस कथित छवि को तोड़ने का प्रयास किया। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत ‘बिसमिल्ला...’ से की और कुरान की आयत भी पढ़ी।


रामदेव ने यह भी कहा कि देश में मुस्लिमों के खिलाफ पूर्वाग्रह का माहौल और इस तस्वीर को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि यह कहा जाता है कि हर आतंकवादी होता है। यह पूरी तरह गलत है। जहां तक मैं जानता हूं कि मुसलमान देशभक्त हैं और वतन पर सब कुछ कुर्बान करने के लिए तैयार रहते हैं। उन्होंने कहा कि हम अपने मुस्लिम भाइयों और बहनों के साथ हैं। मेरे आश्रम में 3000 से ज्यादा मुस्लिम हैं। वहां कोई धर्म नहीं है। न मंदिर है और ना ही मस्जिद है। हम सब एक हैं।
बाबा ने नेताओं के बारे में पिछले दिनों विवादास्पद बयान का भी जिक्र किया और कहा कि मैं सभी नेताओं को भ्रष्ट नहीं कह रहा, लेकिन संसद में जो बेईमान, गद्दार और भ्रष्ट नेता बैठे हुए हैं, उन्हें हमें वहां से बाहर निकालना होगा। संसद में उनकी जगह अच्छे लोगों को भेजना है।

फिलहाल कालेधन और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर देश का दौरा कर रहे रामदेव ने कहा कि हमने प्रधानमंत्री को सात सूत्रीय सुझाव दिए हैं। देखते हैं सरकार क्या करती है। तीन जून को सांकेतिक अनशन होगा और अगस्त में आरपार की लड़ाई होगी।
इस कार्यक्रम को पूर्व सांसद डॉक्टर एजाज अली और इलियास आजमी, पसमांदा मुस्लिम समाज के प्रमुख अनीस मंसूरी और शिया धर्मगुरु मौलाना रूसैद रिजवी ने भी संबोधित किया। इस मौके पर राष्ट्रीय उलेमा कौंसिल के अध्यक्ष मौलाना आमिर रशदी, दलित चिंतक उदित राज, वरिष्ठ पत्रकार वेदप्रताप वैदिक और मौलाना अंसार रजा सहित कई लोग मौजूद थे। (भाषा)



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