गरीबी को लेकर केंद्र पर गुर्राई सपा

नई दिल्ली (भाषा) | भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 8 जून 2009 (19:35 IST)
हमें फॉलो करें
संप्रग को बाहर से समर्थन देने वाली सपा और बसपा ने सोमवार को सरकार की जनकल्याण की नीतियों को लेकर गरीबी खत्म करने के लिए ठोस प्रयास नहीं करने का आरोप लगाया।


सपा नेता ने लोकसभा में राष्ट्रपति के पर पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए किसान, बेरोजगारी, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी मुद्दों पर सरकार को घेरने का प्रयास किया।
उन्होंने महिला आरक्षण विधेयक को मौजूदा स्वरूप में पारित कराने के प्रयास का विरोध किया। उन्होंने आरोप लगाया कि गरीबी हटाने का सरकार के नारे के बावजूद गरीबी घटने की बजाय बढ़ी है और राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना असफल है, जो गरीबों तक नहीं पहुँची है।


उन्होंने कहा कि गरीबी हटाने का नारे देने की बजाय बेरोजगारी हटाने की बात की जाना चाहिए।

बसपा के दारासिंह चौहान ने कहा कि गरीबों के हालात खराब हैं और उनके विकास के लिए कोई काम नहीं हुआ है। किसान के नाम पर केवल ढिंढोरा पीटा गया है। उन्होंने कहा कि समाज में दलितों और पिछड़ों को उनका हक दिलाना सबसे बड़ी प्राथमिकता होना चाहिए।

इसके उलट सत्तारूढ़ कांग्रेस के सज्जनसिंह वर्मा ने सरकार की नीतियों की सराहना और समर्थन करते हुए कहा कि विकास का काम करने वाले लोग ही चुनावों में सफल होंगे। उन्होंने सौ दिन के भीतर महिला आरक्षण विधेयक पारित किए जाने की पैरवी की।



और भी पढ़ें :