आडवाणी की भाजपा सांसदों को नसीहत

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
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भाजपा के कुछ सांसदों के आचरण से पूर्व में भारी फजीहत का सामना कर चुके पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने मंगलवार को अपने सांसदों को सख्त ताकीद की कि वे किसी के झाँसे में आकर सदन में प्रश्न न करें और अपने निजी सचिवों का भी सोच-समझ कर चयन करें।


आडवाणी ने पार्टी संसदीय दल की बैठक में भाजपा के सभी सांसदों विशेषकर नवनिर्वाचितों को आगाह किया कि वे किसी के कहने से सदन में पूछे जाने वाले प्रश्नों पर हस्ताक्षर न करें।

उन्होंने कहा कि देश में इस समय जबरदस्त कार्पोरेट युद्ध चल रहा है। एक कार्पोरेट घराना दूसरे को नीचा दिखाने के लिए संसद में उठवाने के इरादे से प्रश्नों का झोला लिए घूम रहा है। किसी के कहने भर से प्रश्न पर हस्ताक्षर करने के झाँसे में नहीं आएँ।

पार्टी की वरिष्ठ नेता सुषमा स्वराज ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि आडवाणी ने सांसदों को यह सलाह भी दी कि वे निजी सचिव रखने में भारी सर्तकता बरतें। निजी हित के लिए काम करने वालों को सचिव न बनाएँ। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के कारण पार्टी पूर्व में पहले ही नुकसान उठा चुकी है और उसकी छवि को गहरा धक्का लगा है।

गौरतलब है कि पिछली लोकसभा में मीडिया के स्टिंग ऑपरेशन में कई धन के बदले प्रश्न पूछने के मामले में पकड़े गए थे। इनमें से अधिकांश भाजपा के थे।

आडवाणी ने कहा पार्टी पूर्व में कुछ सांसदों के आचरण के चलते अपनी छवि को लेकर खामियाजा उठा चुकी है। जितनी सावधानी हो बरतें और सुनिश्चित करें कि पार्टी को दोबारा ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।



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