यूरोप गर्मी से बेहाल, ट्रेन में सफर मुहाल

में इस बार गर्मी से सब बेहाल हैं। वीकेंड को तेज रफ्तार वाली तीन ट्रेनों में एसी ने काम करना बंद कर दिया जिससे 27 छात्रों की तबीयत खराब हो गई। अब पुलिस रेल कर्मचारियों पर आपराधिक मामला दर्ज करने की तैयारी में है।


शनिवार को जर्मनी के बीलेफेल्ड शहर के पास आईसीई रुकी क्योंकि इसमें सवार कई बुजुर्ग मुसाफिरों और बर्लिन से लौट रहे कुछ छात्रों की तबीयत गर्मी की वजह से बिगड़ गई। कुछ लोगों में पानी की कमी हो गई तो कई लोग ट्रेन के फर्श पर गिर पड़े। कुछ यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के भीतर तापमान 40 से 50 डिग्री तक हो गया था।
बताया जाता है कि एक महिला ने ताजा हवा के लिए ट्रेन की खिड़की को तोड़ने की कोशिश भी की। यूरोप में चलने वाली ट्रेनों में खिड़कियाँ इस तरह की होती है कि यात्री उन्हें खोल नहीं सकते। बीलेफेल्ड में ट्रेन रुकने के बाद नौ छात्रों को अस्पताल ले जाया गया जबकि अन्य लोगों को घटनास्थल पर ही प्राथमिक उपचार दिया गया। कुल 27 छात्रों को डॉक्टरी मदद देनी पड़ी।

जर्मन रेल सेवा डॉयचे बान ने छात्रों के मातापिता और अध्यापकों को टेलीफोन कर इस घटना के लिए माफी माँगी है। प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाएगा। पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक रेल कर्मचारियों को ट्रेन में एसी खराब होने की जानकारी थी। एक यात्री ने रबड़ चलने की तेज गंध के बारे में एक ट्रेन कर्मचारी को सूचना दी। इस कर्मचारी ने भी देखा की एसी ठीक से काम नहीं कर रहा है। लेकिन इसके बावजूद ट्रेन अपने रास्ते पर आगे बढ़ती गई।

डॉयचे बान के प्रवक्ता के मुताबिक कुल तीन रेल गाड़ियों को पटरियों से हटा लिया गया है। कंपनी ने एसी में खराबी के लिए तकनीकी खामियों को जिम्मेदार बताया है।

- एजेंसियाँ/ए. कुमार



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